By अंकित सिंह | Jul 27, 2026
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में हो रहे विरोध-प्रदर्शन भले ही खत्म हो गए हों, लेकिन इसके राजनीतिक और कानूनी नतीजे अभी भी सामने आ रहे हैं। बिहार के सिवान ज़िले में, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के एक जवान को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप है कि उसने छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान AK-47 राइफ़ल से गोली चलाई थी। सिवान में विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई इस घटना में तीन छात्र घायल हो गए थे और इसे लेकर लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था। हिंसा से निपटने के तरीके को लेकर बढ़ते दबाव के बीच यह सस्पेंशन हुआ है।
पुलिस ने हिंसा की बड़े पैमाने पर जांच शुरू कर दी है और झड़पों के सिलसिले में तीन FIR दर्ज की हैं। अधिकारियों ने बताया कि FIR में करीब 100 लोगों के नाम शामिल हैं, जबकि 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। जेल भेजने से पहले सिवान सदर अस्पताल में करीब 25 आरोपियों की मेडिकल जांच कराई गई। हिंसा से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी जारी है।
सिवान में हुई हिंसा ने बिहार में एक नया राजनीतिक टकराव पैदा कर दिया है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने मांग की है कि गिरफ्तार छात्रों और उनके भाई तेज प्रताप यादव को रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएं। रविवार को इस मुद्दे पर बात करते हुए तेजस्वी ने कहा कि हम सरकार के लोगों से कोई गुजारिश नहीं कर रहे हैं, बल्कि चेतावनी दे रहे हैं। हमारे विधायकों को उठाया जा रहा है। हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में लिया जा रहा है। मेरे बड़े भाई तेज प्रताप को ले जाया गया है। बिहार के हर जिले में सैकड़ों-हजारों छात्रों पर कार्रवाई हुई है और उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई हैं। कई छात्र अभी भी जेल में हैं। यह सम्राट चौधरी के लिए चेतावनी है। अगर मामले वापस नहीं लिए गए और उन्हें कल शाम तक रिहा नहीं किया गया, तो हम पूरे बिहार में राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।
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