By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 01, 2026
तिरुवनंतपुरम, एक नवंबर केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज पर कन्नूर रेलवे स्टेशन पर केरल छात्र संघ (केएसयू) के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित हमले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उन पर कोई हमला नहीं हुआ था। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। केरल सशस्त्र पुलिस बटालियन के कमांडेंट यू प्रेमन के नेतृत्व वाली एसआईटी ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट राज्य के पुलिस प्रमुख रवाडा ए चंद्रशेखर को सौंप दी।
सूत्रों ने बताया कि केएसयू कार्यकर्ता उनके पास तक भी नहीं पहुंच सके थे, क्योंकि सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें बीच में ही रोक दिया था। केएसयू कांग्रेस की छात्र इकाई है। रिपोर्ट के आधार पर राज्य के पुलिस प्रमुख आगे की कार्रवाई पर फैसला करेंगे।
इसमें जॉर्ज के पूर्व निजी सुरक्षा गार्ड के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। उसी के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें जॉर्ज पर एक हथियार से हमला किए जाने का आरोप लगाया गया था। सूत्रों के मुताबिक, मामले की शुरुआती जांच करने और केएसयू कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
यह मामला 25 फरवरी को कन्नूर रेलवे स्टेशन पर जॉर्ज के खिलाफ काले झंडे दिखाकर किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद दर्ज किया गया था। उस समय वह राज्य की स्वास्थ्य मंत्री थीं। पांच केएसयू कार्यकर्ताओं ने कथित चिकित्सकीय लापरवाही के विरोध में कन्नूर रेलवे स्टेशन पर जॉर्ज के पहुंचने पर उनके सामने प्रदर्शन किया था।
जॉर्ज वहां से ट्रेन पकड़ने पहुंची थीं। बाद में जॉर्ज ने गर्दन में दर्द की शिकायत की और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके निजी सुरक्षा गार्ड की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करके पांचों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि घटना में एक हथियार का इस्तेमाल किया गया था। केएसयू कार्यकर्ताओं ने मामले में साजिश का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि वे जॉर्ज के पास पहुंचे ही नहीं थे और पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। मामले की दोबारा जांच की मांग उस समय तेज हो गई थी, जब जून में जांच दल द्वारा अदालत में आरोपपत्र दाखिल किए जाने के दौरान हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर आरोप हटा दिए गए थे।
राज्य में यूडीएफ सरकार के सत्ता में आने के बाद गृह विभाग ने तीन अगस्त को एसआईटी का गठन किया और मामले के सभी पहलुओं का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए।