By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 17, 2022
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को बैंकों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनकी प्रणाली एक-दूसरे के अनुकूल रहे ताकि वे ग्राहकों की सेवा बेहतर ढंग से कर सकें। सीतारमण ने भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की 75वीं सालाना बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कई बार ग्राहकों को अलग-अलग बैंकों के साथ लेनदेन के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने इस तरह की स्थिति को ऐसी कृत्रिम दीवार बताया जिसका निर्माण बैंकों ने अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए किया है।
उन्होंने कहा कि समय के साथ प्रौद्योगिकी-आधारित नियामकीय निगरानी व्यवस्था लागू करने से बैंकों को काफी हद तक धोखाधड़ी पर लगाम लगाने में मदद मिली है। इसके साथ ही उन्होंने बैंक अधिकारियों से अनुरोध किया कि साइबर सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाएं जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी का जल्द पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि बैंकों को आने वाले समय में कहीं अधिक बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार रहना होगा क्योंकि देश 2047 तक एक विकसित अर्थव्यवस्था होने के लिए प्रयास शुरू कर चुका है।