By अभिनय आकाश | Dec 30, 2025
पाकिस्तान इस दुनिया में इकलौता ऐसा देश है जो अपने घर में बैठकर अपनी ही बेइज्जती करवा सकता है। भयंकर बेइज्जती करवा सकता है। सिर्फ डॉलर के लिए जिससे कि उसके कटोरे में कुछ भीख डल सके। अच्छा ऐसा भी इकलौता देश है जो बेइज्जती भी करवा ले अपने घर में अपने घर में ही अपनी बेइज्जती करवा ले और उसके कटोरे में कुछ ना पड़े। दरअसल बात पिछले हफ्ते की है। जब यूएई के प्रेसिडेंट मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान पाकिस्तान के दौरे पर आए थे। नेशनल मीडिया में दुनिया में खबरें प्रसारित की गई कि यूएई के राष्ट्रपति आ रहे हैं। कटोरे में भीख डाल कर जाएंगे। बहुत सारी डील्स सिग्नेचर होंगी। बहुत सारे प्रस्तावों पर मोहर लगने वाली है। लेकिन कुछ नहीं हुआ। यूएई के राष्ट्रपति के लिए आपने कभी नहीं देखा होगा दुनिया में किसी के सम्मान में कि इस तरीके से एयरपोर्ट्स पर टैंक्स तैनात कर दिए जाएं। सम्मान के नाम पर टैंक दिखा दिए जाए।
वहां कार्यक्रम में शामिल होते हैं। बातचीत भी उसी से करते हैं। मतलब वास्ता भी उसी से रखते हैं। तो नूर खान एयरबेस पर ये लैंडिंग यूएई के राष्ट्रपति की करवाई गई जिससे कि दुनिया को एक संदेश दिया जा सके कि जो भारत ने नुकसान पहुंचाया था नूर खान एयरबेस पर वो हमने अब ठीक कर लिया है। वो अब हमने मरम्मत उसकी करवा ली है। बाकी रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएई के राष्ट्रपति की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग महज 3 मिनट चली। ये शिष्टाचार बैठक थी जिसमें हालचाल जाने गए। फोटो तक सीमित रही।
बाकी द्विपक्षीय कोई बातचीत नहीं हुई। किसी मेमोरेंडम मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी एमओयू पर कोई सिग्नेचर नहीं हुआ। हालांकि शहबाज शरीफ ने बहुत उत्साह स्वागत के लिए दिखाया था। लेकिन उनको कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। मुख्य रूप से यूएई का पाकिस्तान के ऊपर 2 बिलियन डॉलर का कर्ज है जिसे स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में सिर्फ डिपॉजिट के रूप में रखा गया है जो बार-बार हर साल रोल ओवर हो जाता है। मतलब वो पैसा खर्च करने के लिए नहीं है। दिसंबर 2025 की ही बात है। जब 1 बिलियन डॉलर को इक्विटी इन्वेस्टमेंट में कन्वर्ट करने का ऐलान किया गया। और ये इक्विटी इन्वेस्टमेंट में फौजी फाउंडेशन ग्रुप्स में शेयर खरीदे गए। फौजी फाउंडेशन के सर्वे सर्वा आसिम मुनीर हैं।