By रेनू तिवारी | Jun 22, 2026
महाराष्ट्र की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह सांसद आज एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में आधिकारिक तौर पर शामिल हो सकते हैं। अगर यह कूटनीतिक दलबदल सच साबित होता है, तो 2022 की बगावत के बाद यह उद्धव ठाकरे गुट के लिए अब तक का सबसे बड़ा और करारा झटका माना जाएगा।
बढ़ती बगावत के संकेत
यह घटनाक्रम शिवसेना (UBT) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह के दिल्ली में संसदीय दल की बैठक में शामिल न होने के एक दिन बाद सामने आया है। खबरों के अनुसार, सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र सौंपकर अलग समूह के तौर पर मान्यता देने की मांग की है।
इस कदम से अटकलें तेज हो गईं कि वे उद्धव ठाकरे गुट से अलग होकर शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। अगर यह विलय पूरा हो जाता है, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एकनाथ शिंदे की स्थिति और मजबूत होगी और केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को और समर्थन मिलेगा।
यह संभावित बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब राजनीतिक विश्लेषक इसे "ऑपरेशन टाइगर" कह रहे हैं - शिवसेना (UBT) के भीतर बढ़ती बगावत, जिसने तनाव, सार्वजनिक आलोचना और पार्टी नेताओं की ओर से कानूनी चेतावनियों को जन्म दिया है।
अमित शाह ने उद्धव पर निशाना साधा
यह ताजा घटनाक्रम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के कुछ समय बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में केवल एक ही शिवसेना है।
कोल्हापुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए शाह ने कहा कि पहले लोग "शिवसेना-शिंदे गुट" कहते थे, लेकिन अब पार्टी में कोई गुट नहीं है और वह शिंदे के नेतृत्व में एकजुट है।
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