By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 20, 2026
कोका-कोला की भारत में सबसे बड़ी बॉटलिंग कंपनी एसएलएमजी बेवरेजेज अगले पांच साल में अपना कारोबार बढ़ाकर 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना चाहती है। कंपनी की योजना अगले तीन से चार साल में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की है। कंपनी के संयुक्त प्रबंध निदेशक परितोष लधानी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
तब तक हम निश्चित रूप से शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो जाएंगे।’’ दुनिया की शीर्ष 15 कोका-कोला बॉटलिंग कंपनियों में शामिल एसएलएमजी बेवरेजेज का लक्ष्य अगले पांच साल में वैश्विक स्तर पर शीर्ष 10 कंपनियों में जगह बनाना है। इसके अलावा, कंपनी अगले 10 साल में दुनिया की शीर्ष पांच बॉटलिंग कंपनियों में शामिल होना चाहती है। कंपनी का मौजूदा सकल कारोबार करीब 9,000 करोड़ रुपये है।
लधानी ने कहा कि अगले साल तक इसके 10,000 करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है। कंपनी अगले तीन साल में कारोबार को 15,000 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी फिलहाल दो अंक की वृद्धि दर से आगे बढ़ रही है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के कारोबार में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछले चार साल में इसकी वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) 20 प्रतिशत से अधिक रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हम कारोबार की वृद्धि को लेकर बेहद आशान्वित हैं।’’ विस्तार योजनाओं के तहत कंपनी बिहार के बक्सर स्थित अपनी इकाई में करीब 1,200 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है। वहीं, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में प्रस्तावित संयंत्र का निर्माण शुरू हो गया है।
इस संयंत्र पर करीब 1,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। लधानी ने बताया कि कंपनी ने उत्तर प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में बॉटलिंग संयंत्र स्थापित करने के लिए जमीन भी खरीद ली है। इन संयंत्रों का निर्माण जल्द शुरू होगा।
इसके अलावा, बिहार में दूसरा संयंत्र 2027 के बाद स्थापित किया जाएगा। कंपनी ने उत्तर प्रदेश और बिहार में 5,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। लधानी ने कहा कि कंपनी अगले तीन साल में इस निवेश को पार कर जाएगी।
उन्होंने कहा कि विस्तार योजनाओं का उद्देश्य उत्तर प्रदेश और बिहार में पेय पदार्थों की बढ़ती मांग को पूरा करना है। खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण बाजारों में कारोबार बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं। एसएलएमजी बेवरेजेज की मौजूदा बॉटलिंग क्षमता करीब 35,000 बोतल प्रति मिनट है।
कंपनी अगले पांच साल में इसमें 10,000 बोतल प्रति मिनट की अतिरिक्त क्षमता जोड़ने की योजना बना रही है। लधानी ने कहा कि कारोबार में वृद्धि की मौजूदा रफ्तार जारी रहने पर अगले 10 साल में कंपनी की बॉटलिंग क्षमता एक लाख बोतल प्रति मिनट तक पहुंच सकती है।