भारतीय रियल एस्टेट में 'सुस्ती'! जनवरी-मार्च तिमाही में आवासीय बिक्री 4% गिरी, ऊँची कीमतें और वैश्विक तनाव मुख्य वजह

By रेनू तिवारी | Apr 07, 2026

भारतीय रियल एस्टेट बाज़ार, जो पिछले कुछ वर्षों से रिकॉर्ड तेज़ी देख रहा था, अब थोड़े ठहराव की ओर बढ़ता दिख रहा है। संपत्ति परामर्श कंपनी नाइट फ्रैंक (Knight Frank) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में देश के आठ प्रमुख शहरों में आवासीय संपत्तियों की बिक्री में 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि यह मजबूत वृद्धि के बाद आंशिक रूप से स्वाभाविक स्थिरता हो सकती है, लेकिन कीमतों में लगातार वृद्धि एवं बिक्री मात्रा में नरमी से खरीद क्षमता तथा मांग पर दबाव बढ़ने का संकेत मिलता है।’’ बैजल ने कहा कि भू-राजनीतिक स्थिति में अस्थिरता के कारण भी आवासीय मांग में सुस्ती देखी गई है। आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में जनवरी-मार्च के दौरान आवासीय बिक्री सात प्रतिशत घटकर 23,185 इकाई रह गई। दिल्ली-एनसीआर में बिक्री 11 प्रतिशत घटकर 12,734 इकाई जबकि पुणे में 11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 12,711 इकाई रही।

बेंगलुरु में आवासीय बिक्री पांच प्रतिशत बढ़कर 13,092 इकाई हो गई। हैदराबाद में एक प्रतिशत बढ़कर 9,541 इकाई और चेन्नई में नौ प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,763 इकाई हो गई। अहमदाबाद में बिक्री दो प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4,758 इकाई और कोलकाता में पांच प्रतिशत बढ़कर 4,043 इकाई रही। नाइट फ्रैंक के अनुसार जनवरी-मार्च अवधि में नई आवासीय आपूर्ति भी सालाना आधार पर दो प्रतिशत घटकर 94,855 इकाई रह गई।

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