By डॉ. अनिमेष शर्मा | Jul 30, 2026
आज के समय में स्मार्ट टीवी लगभग हर घर की जरूरत बन चुका है। बड़े डिस्प्ले, इंटरनेट कनेक्टिविटी और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग जैसी सुविधाओं ने मनोरंजन का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। लेकिन ज्यादातर लोग टीवी खरीदते समय केवल उसकी कीमत और फीचर्स पर ध्यान देते हैं, जबकि उसे चलाने में आने वाला खर्च अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। यही वजह है कि कई बार नया टीवी घर में आने के बाद बिजली का बिल अचानक बढ़ा हुआ दिखाई देता है।
टीवी के प्लग को सॉकेट में लगे रहने देने पर वह इंटरनेट कनेक्शन, सॉफ्टवेयर अपडेट और रिमोट के जरिए तुरंत ऑन होने जैसी सुविधाओं के लिए लगातार ऊर्जा लेता रहता है। यह खपत भले ही कम दिखाई दे, लेकिन पूरे साल में इसका असर बिजली के बिल पर साफ नजर आ सकता है।
आज के स्मार्ट टीवी पहले के साधारण टीवी की तुलना में ज्यादा एडवांस हैं। इनमें वाई-फाई, ब्लूटूथ, वॉयस कंट्रोल, ऐप्स और हाई-रिजॉल्यूशन डिस्प्ले जैसे फीचर्स मौजूद होते हैं। ये सभी सुविधाएं बिजली की अतिरिक्त खपत कर सकती हैं।
यदि आपके घर में नया टीवी लगाने के बाद बिजली बिल में अचानक बढ़ोतरी हुई है, तो संभव है कि उसका स्टैंडबाय पावर कंजम्प्शन और हाई ब्राइटनेस सेटिंग इसकी एक बड़ी वजह हो।
अगर आप टीवी का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो केवल रिमोट से बंद करने के बजाय उसका प्लग भी निकाल दें। इससे टीवी पूरी तरह बंद हो जाएगा और स्टैंडबाय मोड में होने वाली बिजली खपत रुक जाएगी।
इसके अलावा, टीवी को पावर स्ट्रिप से जोड़ना भी एक अच्छा विकल्प है। एक स्विच बंद करते ही टीवी और उससे जुड़े अन्य उपकरणों की बिजली खपत पूरी तरह बंद की जा सकती है।
स्मार्ट टीवी में कई ऐसे फीचर्स होते हैं जिन्हें हर समय चालू रखने की जरूरत नहीं होती। यदि आप बिजली की बचत करना चाहते हैं, तो वाई-फाई, ब्लूटूथ और ऑटो अपडेट जैसी सुविधाओं को जरूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल करें।
कई टीवी में 'इको मोड' या 'पावर सेविंग मोड' दिया जाता है। यह स्क्रीन की ब्राइटनेस और अन्य सेटिंग्स को इस तरह नियंत्रित करता है कि बिजली की खपत कम हो जाए। अगर आपके टीवी में यह फीचर उपलब्ध नहीं है, तो आप खुद ब्राइटनेस का स्तर कम कर सकते हैं।
कम ब्राइटनेस का एक अतिरिक्त फायदा यह भी है कि स्क्रीन पर दबाव कम पड़ता है, जिससे टीवी की उम्र बढ़ने की संभावना रहती है।
अगर आपको संदेह है कि आपका स्मार्ट टीवी जरूरत से ज्यादा बिजली ले रहा है, तो आप किलोवाट मीटर की मदद ले सकते हैं। यह छोटा डिवाइस आपको यह समझने में मदद करता है कि कौन-सा उपकरण कितनी बिजली खर्च कर रहा है।
इसके लिए मीटर को बिजली के सॉकेट में लगाएं और फिर टीवी को मीटर से कनेक्ट करें। कुछ समय के इस्तेमाल के बाद मीटर आपको बिजली खपत की रीडिंग दिखाएगा। इससे आपको स्पष्ट अंदाजा हो जाएगा कि आपका टीवी बिजली बिल में कितना योगदान दे रहा है। थोड़ी-सी सावधानी और सही सेटिंग्स अपनाकर आप स्मार्ट टीवी के कारण होने वाली अनावश्यक बिजली खपत को काफी हद तक कम कर सकते हैं। इससे न केवल हर महीने का बिजली बिल घटेगा, बल्कि आपके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कार्यक्षमता और लाइफ भी बेहतर बनी रहेगी।
- डॉ. अनिमेष शर्मा