By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 03, 2026
कोलकाता, तीन नवंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए उन्हें ‘निरंतर इंतजार में बैठे युवराज’ करार दिया और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पर चुनावी हार को स्वीकार नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि कांग्रेस ने मौजूदा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले 2014 से 2025 के बीच 56 चुनावों में हार का सामना किया था।
मौजूदा एसआईआर से पहले 2014 से 2025 के बीच कांग्रेस 56 विधानसभा चुनाव हार चुकी है।” ईरानी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जनता के चुनावी जनादेश को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं और इसके बजाय चुनावों की वैधता व संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, “निरंतर इंतजार में रहने वाला युवराज अपनी हार स्वीकार करने को तैयार नहीं है। कांग्रेस बार-बार चुनाव क्यों हार रही है, इस पर आत्ममंथन करने के बजाय वह निर्वाचन आयोग पर हमला कर रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।” ईरानी ने कांग्रेस की आपत्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर मतदाता सूचियों में दोहरे नाम या मृत व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं, तो कांग्रेस मृत लोगों के नाम फिर से शामिल कराने की मांग क्यों कर रही है?
वह दोहरी प्रविष्टियों को बरकरार क्यों रखना चाहती है?” ईरानी ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने चुनावी लाभ के लिए पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों को जगह दी। उन्होंने आरोप लगाया, “तृणमूल कांग्रेस मतदाता सूची में दोहरे और फर्जी मतदाताओं के नाम क्यों चाहती है? पार्टी ने अपने फायदे के लिए घुसपैठियों को जगह दी।” ईरानी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो रहा है।
कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग पर ‘‘वोट चोरी’’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। ईरानी ने कहा कि एसआईआर एक व्यवस्थित और पारदर्शी प्रक्रिया है। उन्होंने दावा किया कि निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) कई बार मतदाताओं के घर गये।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों के करीब 20 लाख बूथ स्तर के एजेंट (बीएलए) भी इस प्रक्रिया से जुड़े थे। उन्होंने सवाल किया कि अब ये दल इसकी पारदर्शिता पर सवाल क्यों उठा रहे हैं। भाजपा नेता ने दावा किया कि मसौदा मतदाता सूचियों से हटाए गए करीब 13 करोड़ नामों में से लगभग तीन करोड़ मृत मतदाताओं के थे, एक करोड़ नाम दोहरे थे, करीब तीन करोड़ मतदाता बार-बार दौरे के बावजूद अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले और लगभग छह करोड़ मतदाताओं ने अपना पता बदल लिया था।
उन्होंने कहा कि करीब 90 करोड़ मतदाताओं में से 90 प्रतिशत का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। ईरानी ने कहा कि 1952 से देश में 12 एसआईआर कराए गए और इनमें से 10 कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में हुए थे। उन्होंने विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं की राजनीतिक गतिविधियों के दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए।
भाजपा नेता ने कहा, “उन लोगों की मंशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है, जो लोकतांत्रिक तरीकों से सरकार बदलने की मांग करने के बजाय अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लोग चुनाव के जरिए अपनी राय व्यक्त करते हैं और सरकार बदलते हैं। भारत एक लोकतांत्रिक देश है, कोई ‘शासन व्यवस्था’ नहीं।’’ ईरानी ने राहुल पर विदेश में भारत के खिलाफ बयान देने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि विपक्ष देश को बदनाम करने और भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए विदेशी मदद मांग रहा है। राष्ट्रीय महाचिव ने सवाल किया, “राहुल गांधी लंदन जाते हैं और कहते हैं कि वह मोदी को हराना चाहते हैं। क्या विपक्ष के नेता के लिए विदेशी धरती पर इस तरह की टिप्पणी करना उचित है?” उन्होंने सवाल उठाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष किसी दूसरे देश में जाकर वहां के संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और राजनीतिक हलकों से भारत में निर्वाचित सरकार को हटाने के लिए समर्थन कैसे मांग सकते हैं।
ईरानी ने विपक्ष पर राजनीतिक दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दल पश्चिम बंगाल में आपसी मतभेदों के बावजूद दिल्ली में एक साथ आ रहे हैं। उन्होंने सवाल किया, “दिल्ली में अधीर दा (कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी) और ममता दीदी हाथ मिला रहे हैं।