By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 24, 2020
उन्होंने कहा, ‘‘इससे पहले फैसला हुआ था कि धार्मिक स्थलों सहित देश के विभिन्न भागों की मिट्टी और पानी को संग्रहित किया जाएगा और मार्च में राम मंदिर के भूमि भूजन के लिए हजारों लोग जाते। हालांकि , कोविड-19 महामारी के कारण ऐसा नहीं हो पाया। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब भूमि पूजन के लिए अचानक पांच अगस्त की तारीख तय की गयी तो हम जहां जा सकते थे वहां से मिट्टी और पानी एकत्रित कर उसे अयोध्या भेजने का फैसला किया। ’’