24 घंटे के अंदर लखीमपुर में सॉल्यूशन, किसानों और प्रशासन में हुआ समझौता

By अभिनय आकाश | Oct 04, 2021

लखीमपुरी हिंसा मामले में किसानों और प्रशासन के बीच समझौता हो गया। मृतक किसान के परिवार को 45 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही घटना की न्यायिक जांच होगी और हाइकोर्ट के रिटायर्ड जज घटना की जांच करेंगे। पीड़ित परिवार और प्रशासन की बातचीत के बाद पूरे मामले का हल निकला। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और एडीजी प्रशांत कुमार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इससे संबंधित जानकारी साझा की।

कैसे निकला सुलह का रास्ता 

लखीमपुर खीरी में हिंसा में मारे गए चार किसानों के शव का अंतिम संस्कार न करने पर अड़े किसान अब पुलिस प्रशासन से हुई बातचीत के बाद मान गए हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत और अन्य नेता यूपी एडीजी क़ानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार संग बैठक कर रहे थे। इस बैठक में पुलिस ने किसानों की मांगों को मानने पर हामी भरी और बाद में दोनों पक्षों के बीच सुलह हो गई। सहमति बनने के बाद किसान नेता राकेश टिकैत और एडीजी प्रशांत कुमार ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कीय़ इस दौरान एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि कोई भी दोषी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा, बहुत जल्द गिरफ़्तारी की जाएगी। तहरीर पर समुचित धाराओं में एफआईआर दर्ज़ की गई है। राकेश टिकैत ने कहा कि गृहराज्य मंत्री और उनके बेटे के खिलाफ केस दर्ज हो गया है और प्रशासन ने जो समय मांगा है अगर उसके अंदर इनकी गिरफ्तारी नहीं हुई तो हम बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं अपील करता हूं कि अब मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया जाए।

हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच, मृतक के परिवार को 45 लाख 

किसानों और प्रशासन के बीच हुई संयुक्त प्रेस वार्ता में यह तय हुआ है कि, 4 मृतकों के परिवार को 45-45 लाख रुपए दिये जायेंगे। इसके अलावा, परिवार के सदस्यों को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा घायलों को 10-10 लाख रुपये दिए जाएंगे। इस मामले में धारा 120 बी के तहत मुकदम्मा दर्ज कराया जाएगा। साथ ही हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज से मामले कि जांच कराई जाएगी।

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