कभी भोले बन जाते हैं तो कभी कन्हैया, बिहार की राजनीति का ऐसा किरदार जिसके हरेक मूव पर बनती है हेडलाइन

By अभिनय आकाश | Apr 12, 2022

तेज प्रताप यादव का सबसे बड़ा परिचय यह है कि वह लालू के बेटे हैं। दूसरा परिचय यह है कि तेज प्रताप नीतीश कुमार के सरकार में स्वास्थ्य विभाग के मंत्री थे। लेकिन तेज प्रताप की अपनी शख्सियत भी है। तेज प्रताप कभी भोले बन जाते हैं तो कभी कन्हैया का रूप धारण कर लेते हैं। कभी तेजस्वी को अर्जुन बताते हैं और खुद को कृष्ण व बिहार की राजनीति को कुरुक्षेत्र की संज्ञा देते नजर आते हैं। कुल मिलाकर कहा जाए तो तेज प्रताप बिहार की राजनीति में ऐसा किरदार हैं जो जब भी कुछ करते हैं खबर बन जाते हैं।

तेज प्रताप यादव का जन्म 16 अप्रैल 1989 को हुआ। तेज प्रताप यादव स्कूल ड्रॉपआउट हैं और 12वीं की पढ़ाई पूरी नहीं की है। तेज प्रताप यादव ने साल 2015 के विधानसभा चुनाव में पहली बार राजनीति में प्रत्यक्ष रूप से महुआ सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। साल 2015 के विधानसभा चुनाव में लालू की पार्टी राजद और नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। चुनाव में जीत के बाद तेज प्रताप यादव को नीतीश कुमार की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया। इसके साथ ही तेज प्रताप के पास पर्यावरण मंत्रालय का भी कार्यभार था। लेकिन सूबे के बदलते घटनाक्रम के बाद ये गठबंधन टूट गया और फिर तेज प्रताप यादव को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में तेज प्रताप यादव ने हसनपुर सीट से चुनाव लड़ा और जीतकर विधानसभा पहुंचे। 

इसे भी पढ़ें: लालजी टंडन: लखनऊ के लाडले और अटल बिहारी वाजपेयी के दुलारे जिन्हें मायावती बांधती थीं राखी

शादी और तलाक

12 मई 2018 को ऐश्वर्या राय से उनकी शादी हुई थी। लेकिन 6 महीने बाद ही घुट-घुट कर जीने में कोई फायदा नहीं कहते थे तेजप्रताप तलाक की अर्जी लगाते नजर आए प्रोग्राम तेज प्रताप यादव की शादी मई 2019 में बिहार के मुख्यमंत्री रहे दरोगा प्रसाद राय की पोती ऐश्वर्या राय से हुई। ऐश्वर्या के पिता चंद्रिका राय सारण के परसा विधानसभा से राजद के विधायक रह चुके हैं। एक समय में लालू के बेहद करीबी माने जाते थे।

कृष्ण के भेष में तेज प्रताप

तेज प्रताप ने 2019 और 2020 के चुनाव को महाभारत और बिहार को कुरुक्षेत्र बताया था। तेजप्रताप जब राजनीति में महाभारत का जिक्र करते हैं तो वह खुद कृष्ण के गेटअप में होते हैं। सिर पर मोर पंख लगाते हैं बांसुरी बजाते हैं और गायों के बीच खड़े हो जाते हैं। इतना ही नहीं खुद ही फोटो वीडियो टि्वटर इंस्टा पर पोस्ट करते हैं। अनेकों बार तेजप्रताप कृष्ण कान्हा और मुरलीधर बनकर राजनीतिक विरोधियों पर निशाना भी साधते हैं।

इसे भी पढ़ें: पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों पर बोले नीतीश कुमार- हो सकता है कुछ दिन बाद स्थिति सामान्य हो जाए

अपना निराला ही है अंदाज

साल 2010 में तेज प्रताप ने लालू यादव और राबड़ी देवी के नाम के पहले अक्षरों को जोड़कर लारा डिस्ट्रीब्यूटर प्राइवेट लिमिटेड नाम का एक शोरूम खोला था। तेज प्रताप भोजपुरी फिल्मों में भी काम कर चुके हैं। भोजपुरी फिल्म अपहरण उग्योग में उन्होंने मुख्यमंत्री का किरदार निभाया था। इसके साथ ही उनकी दूसरी फिल्म रुद्र अवतार का ट्रेलर भी खूब चर्चा में रहा था। 

प्रमुख खबरें

लोकतंत्र की जीत, धमकियों की हार, फलता उपचुनाव में BJP की शानदार जीत पर बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Ganga Dussehra: Haridwar से Kashi तक आस्था की डुबकी, जानें क्यों है ये दिन इतना पावन

Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा व्रत से होती है मोक्ष की प्राप्ति

Ganga Dussehra 2026: आज धरती पर हुआ था मां गंगा का अवतरण, जानें Puja Vidhi और मंत्र