2019 में Sonam Mhaskar ने शुरू किया था शूटिंग का सफर, अब Asian Games 2026 में भारत के लिए जीता सिल्वर

By एकता | Sep 20, 2026

जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। एलावेनिल वलारिवन, सोनम म्हास्कर और विनोद विदर्सा की भारतीय टीम ने महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता।

मेरे लिए और भारत के लिए गर्व का पल

सोनम म्हास्कर ने कहा, "सबसे पहले तो यह बहुत अच्छा लग रहा है। यह मेरे, मेरे परिवार और भारत के लिए गर्व का पल है।" उन्होंने अपनी सफलता में साथ देने वाले प्रायोजकों, महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण और अन्य लोगों का भी धन्यवाद किया।

सोनम ने कहा, "मैं अपने सभी प्रायोजकों, महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण और उन सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहती हूं, जिन्होंने यह पदक जीतने में मेरा साथ दिया।"

इसे भी पढ़ें: 8 साल, कई हार, लेकिन फिर भी नहीं मानी हार... Asian Games 2026 में Vidarsa ने भारत के लिए जीता सिल्वर

2019 में कॉलेज से शुरू हुआ सफर

सोनम ने बताया कि उन्होंने 2019 में कॉलेज के दौरान खेल की शुरुआत की थी। उस समय उनके कॉलेज में केवल चार खेलों का विकल्प था, राइफल शूटिंग, तीरंदाजी, मुक्केबाजी और जूडो।

उन्होंने बताया कि वह मुक्केबाजी या जूडो में नहीं जाना चाहती थीं। इसके बाद उन्होंने कुछ दिनों तक तीरंदाजी आजमाई, लेकिन बाद में राइफल शूटिंग में उनकी रुचि बढ़ गई।

सोनम ने कहा, "मैंने कुछ दिनों तक तीरंदाजी आजमाई, लेकिन फिर मेरी रुचि राइफल शूटिंग में हो गई। मैंने इसमें जिला स्कूल खेल स्तर पर एक पदक भी जीता।"

इस सफलता के बाद उनका भरोसा बढ़ा और उन्हें लगा कि वह इस खेल में आगे कुछ हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा, "उस पदक से मेरी रुचि और बढ़ी और मुझे लगा कि मैं इस खेल में सच में कुछ हासिल कर सकती हूं। यहीं से मेरा सफर शुरू हुआ।"

इसे भी पढ़ें: Asian Games: Vidarsa Vinod ने 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में जीता Silver Medal

माता-पिता को समर्पित किया पदक

सोनम ने एशियन गेम्स का सिल्वर मेडल अपने माता-पिता को समर्पित किया। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने मुश्किल हालात के बावजूद हमेशा उनका साथ दिया।

उन्होंने कहा, "मैं यह पदक अपने माता-पिता को समर्पित करना चाहती हूं, क्योंकि मुश्किलों के बावजूद उन्होंने मेरा बहुत साथ दिया। अगर उन्होंने मेरा साथ नहीं दिया होता, तो मुझे नहीं लगता कि मैं आज यहां होती।"

प्रमुख खबरें

गुजरात के Wadia गांव में बच्चियों को देह व्यापार से बचाने के लिए कम उम्र में सगाई की प्रथा

Ganesh Utsav में मूर्ति न होने पर सुपारी की स्थापना क्यों, बप्पा से जुड़ा है यह विधान

Asian Games में Elavenil Valarivan का कमाल, भारत को निशानेबाजी में मिले 2 रजत पदक

वाराणसी में 30 लाख के इनामी नक्सली Brijesh Ganjhu ढेर, जानें कैसे हुआ एनकाउंटर?