By एकता | Sep 27, 2026
शिक्षाविद् और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश में जवाबदेही बढ़ाने और चुनावी प्रक्रिया को बेहतर बनाने की कोशिशों को समर्थन मिलना चाहिए।
सोनम वांगचुक ने सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है, लेकिन वह खुद प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने साफ किया कि हर आंदोलन में उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी जरूरी नहीं है।
वांगचुक ने कहा, “समर्थन निश्चित रूप से है। देश में जवाबदेही बढ़ाने के लिए जो भी प्रयास किए जा रहे हैं, मैं हमेशा उनके साथ हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरे लिए आंदोलनों का समर्थन करने का मतलब यह है कि ये आंदोलन अपने दम पर आगे बढ़ें। इस मुद्दे को लेकर अब कई लोग सामने आ रहे हैं और यह देखकर मुझे खुशी है। इसलिए उम्मीद है कि सीईसी से जुड़े इस मुद्दे पर मेरी व्यक्तिगत मौजूदगी की जरूरत नहीं पड़ेगी।”
सोनम वांगचुक का यह बयान चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर उठे विवाद के बीच आया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में मतदाता पंजीकरण और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज कराई थी।
हालांकि, चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि एसआईआर से जुड़े सभी फैसलों को तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी मिली थी। आयोग ने एसआईआर के दौरान नोटिस का सामना कर रहे मतदाताओं की मदद के लिए कई उपायों की भी जानकारी दी।
वांगचुक ने कहा कि आंदोलनों का समर्थन करने का मतलब यह नहीं है कि हर जगह उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी जरूरी हो। उनके मुताबिक, इस मुद्दे को लेकर अब कई लोग सामने आ रहे हैं और वह इसे देखकर खुश हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सीईसी से जुड़े इस मुद्दे पर उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी की जरूरत नहीं पड़ेगी।