By रेनू तिवारी | Jul 18, 2026
जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाए जाने के बाद उनकी मेडिकल रिपोर्ट सामने आई है। सफदरजंग अस्पताल प्रशासन ने बयान जारी कर बताया है कि लंबे समय तक उपवास और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के कारण वांगचुक शारीरिक रूप से बेहद कमजोर हो गए हैं। अस्पताल के मुताबिक, "उन्हें सुबह 7:40 बजे आवश्यक इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। वर्तमान में उनकी हालत स्थिर है, लेकिन शरीर के महत्वपूर्ण पैरामीटर्स को सामान्य स्तर पर लाने के लिए उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी और उपचार की आवश्यकता है।" सफदरजंग अस्पताल में उनके इलाज और देखभाल के लिए दो डॉक्टरों और दो पैरामेडिक्स की एक विशेष टीम तैनात की गई है।
इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने X पर एक पोस्ट में कहा, "मैं दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हूं, जहां सोनम वांगचुक को भर्ती कराया गया है। मेरी, उनके परिवार और उन डॉक्टरों की सहमति के बिना उन्हें मुंह से या नस के ज़रिए कुछ भी न दिया जाए, जो पिछले 20 दिनों से उनकी सेहत की निगरानी कर रहे हैं।"
मुख्य घटनाक्रम
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर विरोध स्थल से सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा, "अगर उन्हें लगता है कि सोनम सर को दूर ले जाने से यह आंदोलन खत्म हो जाएगा, तो वे गलतफहमी में हैं। हम यहीं रहेंगे और 20 जुलाई को संसद तक मार्च करेंगे।" उन्होंने आगे कहा, "अब तक हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, लेकिन इस शर्मनाक हरकत के बाद, अब हम नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे।"
प्रतिक्रियाएं
AAP के मनीष सिसोदिया ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "तो, पेपर लीक के लिए मोदी जी ने यही समाधान निकाला है... जो भी पेपर लीक के खिलाफ आवाज़ उठाए, उसे गुंडों से पिटवाओ और उन्हें आवाज़ ही न उठाने दो। यह राजनीति नहीं, कायरता है।"
NCP (SP) के अध्यक्ष शरद पवार ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के आंदोलन को संभालने के केंद्र के "गैर-जिम्मेदाराना" तरीके की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों की जायज़ मांगों को पूरा करने के बजाय सिर्फ़ तमाशबीन बने रहना पसंद किया। पवार ने कहा कि जब हालात "बेकाबू" हो गए तो सरकार ने वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन एक्टिविस्ट के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।