NSA हटने के बाद जेल से छूटे Sonam Wangchuk, सीधे Hospital पहुंचे, पत्नी ने बताई सेहत की Update

By एकता | Mar 15, 2026

लद्दाख के मशहूर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार (14 मार्च) को जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ लगाए गए नेशनल सिक्योरिटी एक्ट को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश जारी किया था। रिहाई के बाद उनकी पत्नी, गीतांजलि जे. अंगमों ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी साझा की। उन्होंने बताया कि महीनों तक जेल में केवल 60 मिनट की सीमित मुलाकातों के बाद, अब वे बिना किसी पाबंदी के खुलकर बातचीत कर पा रहे हैं।

सेहत की जांच के लिए अस्पताल में भर्ती

रिहाई के बाद सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य जांच के लिए एक अच्छे अस्पताल ले जाया गया है। उनकी पत्नी ने बताया कि पारिवारिक डॉक्टर की सलाह पर उन्हें अगले 36 घंटों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। जेल से बाहर आने की सभी कानूनी औपचारिकताएं गीतांजलि ने खुद जोधपुर आकर पूरी कीं। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी उनकी रिहाई पर खुशी जताते हुए उन्हें एक सच्चा राष्ट्रवादी और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ने वाला प्रतीक बताया।

इसे भी पढ़ें: 'देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा', Amit Shah का Rahul Gandhi पर प्रहार, कहा- मोदी विरोध के नाम पर भारत को बदनाम कर रही है कांग्रेस

क्यों हुई थी वांगचुक की गिरफ्तारी?

सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को उस समय हिरासत में लिया गया था, जब वे लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और इसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे थे। लेह में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। इसके बाद प्रशासन ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर उन पर NSA लगा दिया था। गृह मंत्रालय ने अब कहा है कि लद्दाख में शांति और आपसी विश्वास को बढ़ावा देने के लिए उनकी रिहाई का फैसला लिया गया है।

इसे भी पढ़ें: Assam को 2092 करोड़ की सौगात, Guwahati से गरजे Amit Shah, Congress पर लगाए घोटाले के गंभीर आरोप

लद्दाख में कल फिर होगा प्रदर्शन

भले ही सोनम वांगचुक रिहा हो गए हैं, लेकिन लद्दाख के लोगों का आंदोलन थमने वाला नहीं है। कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने घोषणा की है कि 16 मार्च को पूरे लद्दाख में पहले से तय विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। आंदोलनकारियों का कहना है कि गृह मंत्रालय लद्दाख के अधिकारों की गारंटी देने में देरी कर रहा है, इसलिए वे अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे।

प्रमुख खबरें

Formula 1 का बड़ा फैसला, ईरान युद्ध के खतरे के बीच Bahrain और Saudi की रेस कैंसिल

Sarfaraz Ahmed का क्रिकेट को अलविदा, अब संभालेंगे Pakistan Test Team के Head Coach की बड़ी जिम्मेदारी!

West Bengal Elections Date | पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोटिंग होगी, 4 मई को आएगा फैसला, जानें आपके राज्य में कब होगा मतदान

Failed ATM Transaction पर Axis Bank को फटकार, Consumer Court ने 8 साल बाद दिलाया इंसाफ और मुआवजा