By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 10, 2026
दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का प्रदर्शन लगातार 21वें दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रख्यात शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के उपवास का आज 13वां दिन है। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि अब उनकी भूख स्थिर हो गई है और वह ठीक महसूस कर रहे हैं।
वांगचुक ने प्रशासन को सचेत करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार प्राप्त है और उन्हें उम्मीद है कि इस अधिकार का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने चेताया कि यदि प्रशासन उन्हें यहां से जबरन हटाने की कोशिश करता है, तो यह उनके अधिकारों का खुला उल्लंघन होगा, क्योंकि पूरी दुनिया हमारे लोकतंत्र की स्थिति पर नजर रख रही है।
मई में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी के कथित विवाद के बाद छात्रों द्वारा की गई आत्महत्याओं का जिक्र करते हुए वांगचुक ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने बताया कि अब तक 20 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं और अगले साल यह संख्या बढ़कर 40 या 80 न हो, इसी को रोकने के लिए वे यहां बैठे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसद के मानसून सत्र से पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करने से सरकार को युवाओं का भरोसा फिर से जीतने में मदद मिलेगी।
कॉजपा के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि जब से सोनम वांगचुक ने उपवास शुरू किया है, तब से उनका वजन करीब 7.5 किलोग्राम कम हो चुका है। उनका ब्लड शुगर लेवल भी लगातार नीचे बना हुआ है। गौरतलब है कि परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में कॉजपा का यह आंदोलन 20 जून से शुरू हुआ था।