By अंकित सिंह | Feb 10, 2025
राज्यसभा में बोलते हुए कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जनगणना में देरी का मुद्दा उठाया। सोनिया गांधी ने कहा कि सितंबर 2013 में यूपीए सरकार द्वारा पेश किया गया राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) एक ऐतिहासिक पहल थी, जिसका उद्देश्य देश की 140 करोड़ आबादी के लिए खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना था। इसने लाखों परिवारों को भुखमरी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, खासकर COVID19 संकट के दौरान।
कांग्रेस नेता ने कहा कि बजट आवंटन से पता चलता है कि अद्यतन जनगणना इस वर्ष भी आयोजित होने की संभावना नहीं है। परिणामस्वरूप, लगभग 14 करोड़ पात्र भारतीय एनएफएसए के तहत अपने उचित लाभ से वंचित हो रहे हैं। यह जरूरी है कि सरकार जनगणना को जल्द से जल्द पूरा करने को प्राथमिकता दे। खाद्य सुरक्षा कोई विशेषाधिकार नहीं बल्कि मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि हालांकि लाभार्थियों के लिए कोटा अब भी 2011 की जनगणना के आधार पर निर्धारित किया जाता है, जो अब एक दशक से अधिक पुरानी है। उन्होंने कहा, ‘‘स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार जनगणना में 4 साल से अधिक की देरी हुई है। मूल रूप से यह 2021 के लिए निर्धारित थी लेकिन अब भी इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं है कि जनगणना कब आयोजित की जाएगी।’’