By अभिनय आकाश | Jul 21, 2022
1 मई 1978 को जब संजय गांधी 30 दिन की सजा सुनाए जाने के बाद जेल ले जाए जा रहे थे तो इंदिरा गांधी ने उनसे कहा था कि दिल छोटा मत करो यह तुम्हारा पुनर्जन्म होगा। दिसंबर 2015 में जब नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के लिए पेश होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए कहा था जो करना है कोर्ट को करना है। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं इंदिरा गांधी की बहू हूं, किसी से नहीं डरती। अब एक बार फिर नेशनल हेराल्ड का जिन बोतल से बाहर आ चुका है और इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय के सामने सोनिया गांधी पूछताछ के लिए पेश हैं। ईडी की तरफ से उनसे पूछताछ की जा रही है वहीं इसके विरोध में कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन जारी है। लेकिन सोनिया गांधी का बयान फिर से वायरल हो रहा है।
नेशनल हेराल्ड है क्या?
नेशनल हेराल्ड 1938 में शुरू किया गया एक अखबार था। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इसका इस्तेमाल आज़ादी की लड़ाई में किया। पंडित नेहरू ने 1937 में असोसिएटेड जर्नल बनाया था, जिसने तीन अखबार निकालने शुरू किए। हिंदी में नवजीवन, उर्दू में कौमी आवाज़ और अंग्रेज़ी में नेशनल हेराल्ड। 2008 आते-आते असोसिएटेड जर्नल ने फैसला किया कि अब अखबार नहीं छापे जाएंगे। बाद में पता चला कि असोसिएटेड जर्नल पर 90 करोड़ रुपयों का कर्ज भी चढ़ चुका है।