दक्षिण कोरिया की भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी को राष्ट्रपति Yoon को हिरासत में लेने के लिए नया वारंट मिला

By Prabhasakshi News Desk | Jan 08, 2025

सियोल । दक्षिण कोरिया की भ्रष्टाचार-निरोधक एजेंसी ने कहा है कि उसे महाभियोग के जरिये अपनी शक्ति खो चुके राष्ट्रपति यून सुक येओल को हिरासत में लेने के लिए न्यायालय से नया वारंट मिल गया है। ‘राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा’ ने पिछले सप्ताह यून को हिरासत में लेने के एजेंसी के प्रयास पर पानी फेर दिया था। उच्च पदस्थ अधिकारियों से संबंधित भ्रष्टाचार जांच कार्यालय (सीआईओ) ने मंगलवार को तुरंत इस बात की पुष्टि नहीं की कि वारंट कितने समय तक वैध रहेगा। सीआईओ ने राष्ट्रपति के तीन दिसंबर के अल्पकालिक मार्शल लॉ का आदेश जारी करने जैसे बगावत के आरोपों को लेकर यून से पूछताछ की योजना बनाई है

भ्रष्टाचार-निरोधक एजेंसी के लगभग 150 जांचकर्ताओं और सहायक पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यून को हिरासत में लेने का प्रयास किया, लेकिन ‘राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा’ के साथ पांच घंटे से अधिक समय तक चले तनावपूर्ण गतिरोध के बाद वे सियोल में उनके निवास से वापस चले गए। जांचकर्ताओं ने सोमवार को पिछले वारंट की अवधि समाप्त होने से पहले यून को हिरासत में लेने का कोई और प्रयास नहीं किया। भ्रष्टाचार-निरोधक एजेंसी और पुलिस ने यून को हिरासत में लेने के लिए और अधिक बलपूर्वक प्रयास करने का संकल्प लिया है। हालांकि यह तब तक एक जटिल प्रक्रिया हो सकती है जब तक वह (यून) अपने आधिकारिक निवास में रहते हैं।

पुलिस और सेना के साथ संयुक्त जांच का नेतृत्व कर रही भ्रष्टाचार-निरोधक एजेंसी यून के खिलाफ उन बगावतों के आरोपों की जांच कर रही है जिसके तहत उन्होंने मार्शल लॉ घोषित किया और संसद को घेरने के लिए सैनिकों को रवाना कर दिया। नाकेबंदी को पार करने में कामयाब रहे सांसदों ने कुछ घंटों बाद यून द्वारा जारी मार्शल लॉ के खिलाफ मतदान किया। संसद द्वारा चौदह दिसंबर को उन पर महाभियोग चलाने के लिए मतदान करने के बाद यून की राष्ट्रपति शक्तियों को निलंबित कर दिया गया। संवैधानिक न्यायालय ने इस बात पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है कि यून को औपचारिक रूप से पद से हटाया जाए या उन्हें बहाल किया जाए।

अगर जांचकर्ता यून को हिरासत में लेने में कामयाब हो जाते हैं, तो वे औपचारिक गिरफ्तारी करने की अनुमति के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे अन्यथा उन्हें (यून को) 48 घंटे बाद रिहा कर दिया जाएगा। ओह ने सांसदों को बताया कि एजेंसी पुलिस के साथ इस बात पर विचार-विमर्श कर रही है कि अगर राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा के सदस्य यून को हिरासत में लेने के प्रयासों में बलपूर्वक बाधा डालते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए या नहीं। पुलिस ने कहा है कि वह यून को हिरासत में लेने के लिए सभी उपलब्ध विकल्पों पर विचार कर रही है और उसने सार्वजनिक रूप से एसडब्ल्यूएटी टीम को तैनात करने की संभावना से इनकार नहीं किया है। राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा के प्रमुख पार्क जोंग-जून ने आलोचना का जवाब दिया है कि यह यून की निजी सेना बन गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राष्ट्रपति की सुरक्षा करना उनका कानूनी दायित्व है। यून के वकीलों ने दलील दी कि राष्ट्रपति के खिलाफ हिरासत और तलाशी वारंट को उनके (यून के) निवास पर तामिल नहीं किया जा सकता है।

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