By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 11, 2026
दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को एक मरीन सैनिक की डूबने से हुई मौत से जुड़े मामले में शुक्रवार को बरी कर दिया गया। यह मार्शल लॉ लागू करने के कारण पद से हटाए जाने के बाद यून के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों में बड़ी राहत है। विशेष जांच पक्ष द्वारा दायर अभियोग में आरोप लगाया गया था कि यून ने जानबूझकर पूर्व रक्षा मंत्री ली जोंग-सुप को ऑस्ट्रेलिया में राजदूत नियुक्त किया, ताकि उन्हें देश छोड़ने और 2023 में बाढ़ पीड़ितों की तलाश एवं बचाव अभियान के दौरान डूबे कॉर्पोरल चे सु-गुन की मौत की आपराधिक जांच से बचने में मदद मिल सके।
पूर्व न्याय मंत्री और राष्ट्रपति सुरक्षा निदेशक समेत अन्य आरोपियों को भी उन आरोपों से बरी कर दिया गया, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने जांच से बचने में ली की मदद करने के लिए यून के साथ मिलकर साजिश रची थी। अभियोजक फैसले के खिलाफ अपील करेंगे या नहीं, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी। एक अलग अभियोग में आरोप लगाया गया है कि यून और अन्य अधिकारियों ने चे की मौत की जांच को दबाने और उसमें हेरफेर करने की कोशिश की।
यह मामला तब सार्वजनिक आक्रोश का कारण बना, जब यह सामने आया कि सैन्य कमांडरों ने सैनिकों को लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के बिना तलाश अभियान चलाने का आदेश दिया था। यून को अप्रैल 2025 में औपचारिक रूप से पद से हटा दिया गया था। इसके बाद राष्ट्रपति ली जे-म्युंग द्वारा मार्शल लॉ लागू करने और चे की मौत समेत कई अन्य मामलों की विशेष जांच को मंजूरी दिए जाने के बाद यून को कई आपराधिक मुकदमों का सामना करना पड़ा है।