By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 16, 2026
दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को ‘मार्शल लॉ’ लागू करने से जुड़े कुछ आरोपों में पांच साल की जेल की सजा सुनाई। यह फैसला यून के खिलाफ दिसंबर 2024 में जारी किए गए मार्शल लॉ आदेश और अन्य आरोपों को लेकर चल रहे आठ आपराधिक मुकदमों में पहला है। उन पर लगे सबसे गंभीर आरोपों में यह शामिल है कि उन्होंने मार्शल लॉ लागू करने के सिलसिले में विद्रोह का नेतृत्व किया। इस आरोप में मृत्युदंड तक का प्रावधान है।
‘सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट’ ने शुक्रवार को इस मामले में फैसला सुनाते हुए यून को अन्य आरोपों जैसे अधिकारियों द्वारा उन्हें हिरासत में लेने के प्रयासों की अवहेलना करने के लिए दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। यून ने इस फैसले पर तुरंत कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
हालांकि, इससे पहले जब एक स्वतंत्र वकील ने इन आरोपों में यून के लिए 10 साल की जेल की सजा की मांग की थी, तब उनके बचाव पक्ष ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा था कि इतनी ‘‘ज्यादा’’ सजा की मांग करने का कोई कानूनी आधार नहीं है।
दिसंबर 2024 में मार्शल लॉ को अल्पकालिक लागू किए जाने के बाद व्यापक जन-प्रदर्शन हुए थे, जिनमें यून को पद से हटाए जाने की मांग की गई थी। इसके बाद यून को महाभियोग का सामना करना पड़ा, उन्हें गिरफ्तार किया गया और राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया।
यून का कहना है कि उनका देश पर लंबे समय तक सैन्य शासन लागू करने का कोई इरादा नहीं था। उनके अनुसार, यह आदेश केवल जनता को उस खतरे से अवगत कराने के लिए था, जो उनके एजेंडे में बाधा डाल रही उदारवादी-नियंत्रित संसद से उत्पन्न हो रहा था।
हालांकि, जांचकर्ताओं ने यून के आदेश को सत्ता को मजबूत करने और लंबे समय तक बनाए रखने की कोशिश माना है और उन पर विद्रोह, सत्ता के दुरुपयोग तथा अन्य आपराधिक अपराधों के आरोप लगाए।