By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 23, 2026
वित्तीय शोध और साख निर्धारित करने वाली एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया। रेटिंग एजेंसी ने इसके लिए मजबूत आर्थिक गतिविधियों का हवाला दिया और कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक वित्त वर्ष 2026-27 में नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत की की बढ़ोतरी कर सकता है। एसएंडपी ने ‘इकोनॉमिक एक्टिविटी फॉर एशिया पैसिफिक’ शीर्षक से जारी अपनी रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026-27 में उपभोक्ता मुद्रास्फीति के औसतन 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि मौसम से जुड़े जोखिमों पर करीबी नजर रखने की जरूरत है। मौजूदा मानसून सत्र में नौ सितंबर, 2026 तक संचयी बारिश सामान्य से 15 प्रतिशत कम रही है। इसलिए कृषि उत्पादन और खाद्य मुद्रास्फीति महत्वपूर्ण कारक बने हुए हैं, जिन पर नजर रखनी होगी।
एसएंडपी ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि परिस्थितियों का संतुलन ऊंची ब्याज दरों की ओर जाएगा। इसके समर्थन में मजबूत आर्थिक वृद्धि, लगातार मुद्रास्फीति संबंधी दबाव, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और मौसम से जुड़े जोखिम जैसे कारक हैं।’’ रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि उपभोक्ता मुद्रास्फीति औसतन 5.1 प्रतिशत रहेगी और भारतीय रिजर्व बैंक चालू वित्त वर्ष में अपनी नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करेगा।’’ पिछले सप्ताह एक अन्य वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया था। यह जी20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक वृद्धि दर का अनुमान है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सात प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान आरबीआई के 6.7 प्रतिशत और फिच रेटिंग्स के 6.4 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है। भारत की आर्थिक वृद्धि दर बीते वित्त वर्ष 2025-26 में 7.8 प्रतिशत रही थी।