National Security के लिए Space बना निर्णायक, DRDO Chief बोले- अब पिछड़ने का जोखिम नहीं ले सकते

By अंकित सिंह | Apr 23, 2026

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष समीर वी. कामत ने गुरुवार को कहा कि अंतरिक्ष अब राष्ट्रीय सुरक्षा का सिर्फ एक सहायक साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह वह प्रमुख क्षेत्र बन गया है जो भविष्य के संघर्षों के परिणाम निर्धारित करेगा। उन्होंने भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं में अंतर को कम करने के लिए समग्र राष्ट्र दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया, क्योंकि प्रतिद्वंद्वियों के अंतरिक्ष कार्यक्रम चिंताजनक गति से विस्तार कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि यह जिम्मेदारी अभी डीआरडीओ के समग्र जनादेश का एक छोटा हिस्सा है, लेकिन तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अगर हमें अपने प्रतिद्वंद्वियों के साथ कदम मिलाकर चलना है, तो इसे और अधिक बढ़ाने की जरूरत है। इस अंतर को पाटने के लिए, डीआरडीओ एक सहयोगात्मक मॉडल अपना रहा है जिसमें स्टार्टअप, लघु एवं मध्यम उद्यम और अकादमिक संस्थान शामिल हैं। संगठन ने पहले ही अपने 15 डीआईए उत्कृष्टता केंद्रों में से तीन से चार में डीआरडीओ उद्योग-अकादमिक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कर लिए हैं, जिनमें अंतरिक्ष को प्राथमिकता क्षेत्र के रूप में पहचाना गया है।

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कामत ने कहा कि अंतरिक्ष कार्यक्रम के रक्षा क्षेत्र में योगदान देने के लिए अकादमिक संस्थानों और स्टार्टअप्स में काफी रुचि है और उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत अगले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में आवश्यक गति और संप्रभु क्षमताएं प्राप्त कर लेगा।

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