यूरोप की छाती पर चढ़कर जयशंकर ने कही ऐसी बात, फिनलैंड भी बोला- भारत ने सही किया

By अभिनय आकाश | Jun 13, 2026

रूस से तेल खरीदने के मामले में भारत को फ़िनलैंड से अप्रत्याशित समर्थन मिला। फ़िनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनन ने कहा कि नई दिल्ली ने यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिमी देशों द्वारा तय की गई तेल की कीमत की सीमा (प्राइस कैप) के दायरे में रहकर ही काम किया है। फ़िनलैंड में 'कुलतारंता टॉक्स' के दौरान एक पैनल चर्चा में बोलते हुए फ़िनिश मंत्री ने कहा कि पश्चिमी देशों की प्राइस कैप व्यवस्था का मकसद कभी भी देशों को रूस से कच्चा तेल खरीदने से पूरी तरह रोकना नहीं था। इस चर्चा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वाल्टोनन और यूएई की सहायक विदेश मंत्री लाना नुसेबेह के साथ हिस्सा लिया था। वाल्टोनन ने कहा कि भारत के बचाव में यह कहा जा सकता है कि उसने प्राइस कैप के तहत तेल खरीदा है। यही मकसद था।

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जयशंकर ने तेल के मामले में भारत के फैसलों का बचाव किया

रूस से भारत के तेल आयात के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा कि ऊर्जा की खरीद राजनीतिक गठजोड़ के बजाय व्यावहारिक बातों पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि मैं कीमत और उपलब्धता के आधार पर तेल खरीदता हूं। विदेश मंत्री ने याद दिलाया कि 2022 में रूस पर प्रतिबंध लगने के बाद ग्लोबल एनर्जी मार्केट में बड़ा बदलाव आया, जिससे देशों को दूसरे सप्लायर खोजने पड़े। उन्होंने कहा कि उस समय, मार्केट में उपलब्ध ज़्यादातर तेल रूस से आ रहा था क्योंकि यूरोपीय देश मिडिल ईस्ट से तेल खरीद रहे थे, जो हमारा पारंपरिक सप्लायर था। हालात ने हमें एक खास दिशा में आगे बढ़ने के लिए मजबूर किया। जयशंकर ने रूसी ऊर्जा पर पश्चिमी देशों के रुख में विरोधाभास की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा, उस समय, अमेरिका ने खास तौर पर भारत से तेल मार्केट को स्थिर करने के लिए रूसी तेल खरीदने को कहा था। उन्होंने आगे कहा आइए ऐसा दिखावा न करें कि इसमें कोई बड़ा सिद्धांत शामिल है।

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