Hariyali Amavasya 2026: सावन की अमावस्या पर बन रहे विशेष संयोग, जानें Puja Vidhi और दान का महत्व

By अनन्या मिश्रा | Aug 12, 2026

आज यानी की 12 अगस्त 2026 को हरियाली अमावस्या मनाई जा रही है। सावन शिवरात्रि के ठीक अगले दिन और हरियाली तीज से 3 दिन पहले यह अमावस्या आती है। सावन के महीने में पड़ने की वजह से इसको हरियाली अमावस्या कहा जाता है। हरियाली अमावस्या के दिन पूजा-पाठ, दान, पितरों का स्मरण करना बेहद फलदायी माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं हरियाली अमावस्या की तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व के बारे में...

स्नान-दान मुहूर्त

सावन माह के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान-दान करना शुभ माना जाता है। 12 अगस्त को सुबह 04:23 मिनट से लेकर 05:06 मिनट तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा। वहीं पूजा के लिए अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:59 मिनट से लेकर 12:52 मिनट तक रहेगा।

पूजन विधि

हरियाली अमावस्या को पितरों के तर्पण के लिए सुबह जल्दी उठकर गंगाजल से स्नान आदि करें। इसके बाद अपने ईष्ट का ध्यान करें और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करें। भगवान शिव को मदार और आक के फूल चढ़ाएं और पीपल के पेड़ की पूजा करें। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

महत्व

हरियाली अमावस्या को चितलगी अमावस्या, गटारी अमावस्या और चुक्कला अमावस्या के नाम से भी जानते हैं। इस दिन भगवान शिव की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक जो भी जातक इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और कष्टों से मुक्ति मिलती है।

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