Uttrakhand: विधानसभा नियुक्तियों की जांच करेगी विशेष समिति, स्पीकर बोलीं- अनियमितता बर्दाश्त नहीं

By अंकित सिंह | Sep 03, 2022

उत्तराखंड विधानसभा में हुई नियुक्तियों को लेकर राज्य की राजनीति में बवाल मचा हुआ है। नियुक्तियों में भाई-भतीजावाद का आरोप लगा है। इन सब के बीच विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी का भी बयान सामने आ गया है। रितु खंडूरी ने साफ तौर पर कहा है कि वह अनियमितता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगी। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक रितु खंडूरी ने बताया कि आज 2 फैसले लिए गए हैं। विशेष समिति का गठन किया है जो 1 महीने में जांच रिपोर्ट सौंपेगी। दूसरा मौजूदा विधानसभा सचिव मुकेश सिंघल 1 महीने छुट्टी पर रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें जांच के लिए निर्देश मिलने पर विशेष समिति के सामने पेश होना होगा। जल्द से जल्द सदन की गरिमा को बहाल किया जाएगा। 

इसे भी पढ़ें: भाजपा के पन्ना प्रमुखों और कार्यकर्ताओं से केजरीवाल की अपील, बोले- BJP में रहो और AAP के लिए करो काम

पूरे मामले को लकेर कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल जब पिछली विधानसभा में अध्यक्ष पद पर थे, उस दौरान भर्तियों में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुईं और उस दौरान राजनीतिक नेताओं के रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों को विधानसभा में नौकरियां बांटी गयीं। इस संबंध में इंटरनेट पर अग्रवाल के कार्यकाल की अवधि में हुई 74 भर्तियों की एक सूची भी प्रसारित हुई। इसके जवाब में, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विधानसभा अध्यक्ष रहे गोविंद सिंह कुंजवाल द्वारा की गयी 178 भर्तियों की एक और सूची भी प्रसारित हुई। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे मामले पर अपना मौन तोड़ने और उनकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग की। प्रदेश समन्वयक जोत सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया कि एक के बाद एक सामने आ रहे भर्ती घोटालों की सूची में अब विधानसभा का भी नाम जुड़ गया है जहां पूर्व अध्यक्षों ने बेटे-बहू, भांजे और भतीजियों सहित अपने अनेक रिश्तेदारों को नियुक्ति दिलवाई। 

प्रमुख खबरें

सचिन तेंदुलकर के साथ Debut करने वाले Salil Ankola डिप्रेशन में, Pune के सेंटर में भर्ती हुए

Cooper Connolly का तूफानी शतक पड़ा फीका, Sunrisers Hyderabad ने जीता रोमांचक मैच

West Bengal: अब ममता बनर्जी नहीं रहीं मुख्यमंत्री, राज्यपाल आरएन रवि ने भंग की विधानसभा

सियासत का नया व्याकरण लिखता जनादेश 2026