Prabhasakshi NewsRoom: LAC के बारे में जयशंकर ने जो बताया- वह साबित करता है कि देश सुरक्षित हाथों में है

By नीरज कुमार दुबे | Feb 09, 2023

विपक्ष की ओर से बार-बार सवाल उठाया जा रहा है कि चीन से सटी सीमा पर सरकार हालात को ठीक से संभाल नहीं पा रही है। इस बारे में सोशल मीडिया पर तमाम तरह की अफवाहें भी फैलाई जा रही हैं लेकिन विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जो कुछ बताया है वह आंखें खोलने वाला भी है और देश की जनता को आश्वस्त करने वाला भी है। हम आपको बता दें कि विदेश मंत्री जयशंकर ने पूर्वी लद्दाख में 33 महीने से जारी सीमा गतिरोध के बीच बताया है कि भारत ने स्पष्ट ‘‘सामरिक कारणों’’ से चीन के साथ लगती उत्तरी सीमाओं पर बुनियादी ढांचे के तेजी से विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। जयशंकर ने संवाददाताओं के एक समूह को बताया है कि लद्दाख क्षेत्र में 135 किलोमीटर तक फैली रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चुशुल-डुंगती-फुकचे-डेमचोक सड़क पर काम पिछले महीने शुरू हुआ था। जयशंकर ने बताया कि चीन के साथ लगती सीमा पर सैनिकों की तैनाती बनाए रखने के लिए आवश्यक 16 प्रमुख दर्रों को रिकॉर्ड समय में और पिछले वर्षों की तुलना में बहुत पहले खोल दिया गया है। हम आपको बता दें कि अरूणाचल प्रदेश, सिक्किम और लद्दाख में सीमावर्ती क्षेत्रों से लगे कुछ पर्वतीय दर्रों को भीषण सर्दी के महीनों में भारी हिमपात के कारण बंद कर दिया जाता है।

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दूसरी ओर, चीन की चालबाजियों को देखते हुए जयशंकर उसे घेरने में भी जुटे हुए हैं। इसके तहत भारत और न्यूजीलैंड ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता को लेकर बढ़ रही वैश्विक चिंताओं के बीच नियम आधारित क्षेत्र के लिए अपनी साझा दूरदृष्टि पर चर्चा की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और न्यूजीलैंड की विदेश मंत्री नैनिया महुता ने आर्थिक भागीदारी, शैक्षिक आदान-प्रदान, रक्षा सहयोग और लोगों के बीच परस्पर संपर्क के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा की।

इसके अलावा, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस सप्ताह कनाडा की अपनी समकक्ष मेलानी जोली के साथ व्यापार और निवेश समेत विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। दोनों नेताओं ने वैश्विक स्थिति खासतौर से यूक्रेन में संघर्ष और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिति पर भी चर्चा की। इस मुलाकात के बाद जयशंकर ने ट्वीट में कहा, ‘‘वैश्विक स्थिति खासतौर से हिंद-प्रशांत और यूक्रेन संघर्ष पर विचार साझा किए। कनाडा की हिंद-प्रशांत रणनीति का स्वागत। हम हमारी जी20 अध्यक्षता के लिए कनाडा के समर्थन की सराहना करते हैं जिसमें आर्थिक वृद्धि और विकास की चुनौतियों पर गौर किया जाएगा।’’ हम आपको बता दें कि कनाडा ने नवंबर में हिंद-प्रशांत के लिए एक व्यापक रणनीति बनाई थी, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देना था। कनाडा की हिंद-प्रशांत रणनीति में भारत को इस क्षेत्र में एक प्रमुख देश के रूप में सूचीबद्ध किया गया और कहा गया कि कनाडा, नयी दिल्ली के साथ आर्थिक संबंध बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

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