श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने अंतरिम मंत्रिमंडल की नियुक्ति की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 22, 2019

कोलंबो। श्रीलंका के नए राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने मौका मिलते ही जल्द से जल्द मध्यावधि चुनाव कराने का संकल्प लिया। उन्होंने शुक्रवार को 16 सदस्यीय अंतरिम मंत्रिमंडल की भी नियुक्ति की और रक्षा, वित्त तथा व्यापार के प्रमुख मंत्रालय अपने भाईयों को दिए। राजपक्षे ने अल्पसंख्यक समुदाय तक पहुंच के संकेत के रूप में अंतरिम मंत्रिमंडल में दो तमिल भाषी लोगों को भी शामिल किया है। नए मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री पद पर महिंदा राजपक्षे को नियुक्त किया गया है। उन्हें रक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय का भी प्रभार दिया गया है जबकि चमल राजपक्षे के पास व्यापार एवं खाद्य सुरक्षा मंत्रालय का प्रभार है। 

राजपक्षे ने कहा कि श्रीलंका के संविधान के तहत वह जितनी जल्दी हो सकेगा ‘लेागों से विचार विमर्श’ करेंगे। नए मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह के बाद राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान के तहत जैसे ही पहला अवसर मिलेगा मैं लोगों से बात करूंगा। श्रीलंका की वर्तमान संसद का कार्यकाल अगले वर्ष अगस्त में समाप्त हो रहा है। संविधान राष्ट्रपति को मार्च में संसद को भंग करने और चुनाव करवाने की इजाजत देता है। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सोमवार को गोटबाया राजपक्षे ने कहा था कि यह एक अंतरिम सरकार है। उन्होंने बताया कि राज्यमंत्रियों की नियुक्ति अगले हफ्ते की जाएगी।

इसे भी पढ़ें: शांति और समृद्धि के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेंगे: प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे

राष्ट्रपति होने के नाते राजपक्षे मंत्रालयों को अपने पास नहीं रख सकते हैं लेकिन वह मंत्रिमंडल के प्रमुख हैं। मंत्रिमंडल में 16 सदस्य हैं। राष्ट्रपति के भाई महिंदा राजपक्षे (74) और चमल राजपक्षे (77), दो तमिल भाषी और एक महिला इसमें शामिल हैं। मार्क्सवादी विचारधारा के नेता 70 वर्षीय गुणवर्द्धना को विदेश मंत्री बनाया गया है।

प्रमुख खबरें

Women’s Hockey World Cup के लिए तैयार Young Brigade: Ishika और Sakshi का संघर्ष और बड़े सपने

Red Sea Attack: पाक नाविकों की मौत के बाद Houthi Rebels पर भड़का Islamabad, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

World Organ Donation Day 2026: अंगदान के Medical Rules और प्रक्रिया क्या हैं? जानें कौन से Organs कर सकते हैं डोनेट

MP में Analog Paneer पर प्रतिबंध: CM Mohan Yadav का फैसला, अब राज्य में सिर्फ प्राकृतिक दूध उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा