By Ankit Jaiswal | Jan 06, 2026
कारोबारी सत्र में शेयर बाजार का रुख कुछ कमजोर नजर आया और निवेशकों में सतर्कता साफ दिखी। मंगलवार को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक रिकॉर्ड स्तरों के करीब से फिसलते हुए बंद हुए, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में आई गिरावट का अहम योगदान रहा है।
बता दें कि निफ्टी 50 करीब 0.27 प्रतिशत गिरकर 26,178.7 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 0.44 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई और यह 85,063.34 के स्तर पर आ गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, बीते दो कारोबारी सत्रों में निफ्टी और सेंसेक्स क्रमशः करीब 0.6 और 0.8 प्रतिशत नीचे आ चुके हैं।
गौरतलब है कि बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों से आया, जिसमें करीब 4.5 प्रतिशत की तेज गिरावट देखी गई। यह जून 2024 के बाद एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। कंपनी के इस बयान के बाद शेयरों में बिकवाली बढ़ी कि जनवरी में रूस से कच्चे तेल की आपूर्ति मिलने की संभावना नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, ट्रंप की ओर से लगातार आ रही सख्त बयानबाजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार को उम्मीद थी कि अमेरिका भारत पर टैरिफ की सीमा को 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत तक सीमित करेगा और इसके बाद व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि नकारात्मक वैश्विक संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार की धारणा पर पड़ सकता है।
रिलायंस के शेयरों पर रिटेल कारोबार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा की चिंता का असर भी दिखा है। ट्रेंट के दिसंबर तिमाही के कमजोर बिक्री आंकड़ों के बाद रिटेल सेक्टर को लेकर आशंकाएं बढ़ीं, जिससे ट्रेंट के शेयरों में भी करीब 8.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसी बीच, ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने रिलायंस को अपने इंडिया मॉडल पोर्टफोलियो से बाहर कर दिया है।
बैंकिंग सेक्टर की बात करें तो देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 1.6 प्रतिशत की और गिरावट आई है, जो सोमवार की गिरावट के बाद लगातार दूसरा कमजोर सत्र रहा है। इसका कारण जमा वृद्धि की रफ्तार को लेकर बनी चिंता बताया जा रहा है। दूसरी ओर, आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में 2.9 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली, जिससे वित्तीय सूचकांक में हल्की बढ़त दर्ज की गई।
स्टील सेक्टर में भी मिला-जुला रुख रहा, जहां जेएसडब्ल्यू स्टील और टाटा स्टील के शेयर दबाव में नजर आए। गौरतलब है कि हाल ही में प्रतिस्पर्धा कानून से जुड़े एक मामले में इन कंपनियों का नाम सामने आने के बाद निवेशक सतर्क दिखाई दे रहे हैं।
वहीं, हेल्थकेयर सेक्टर से सकारात्मक संकेत मिले हैं। अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयरों में करीब 3.7 प्रतिशत की तेजी आई और यह निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल रहा है। ब्रोकरेज फर्म सिटी ने कंपनी के मजबूत आय अनुमानों के आधार पर इसके शेयर का लक्ष्य मूल्य बढ़ाया है।
कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल वैश्विक संकेतों, कॉरपोरेट अपडेट्स और सेक्टर-विशेष खबरों का असर साफ देखा जा रहा है और निवेशक चुनिंदा शेयरों में ही भरोसा जता रहे हैं।