यूएच-60 ब्लैक हॉक हेलिक़ॉप्टर, 35 हजार लॉन्चर, नाइट विजन से लेकर घातक ड्रोन, US के अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा अब तालिबान के हाथों में है

By अभिनय आकाश | Aug 20, 2021

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ी आसानी से ये कह तो दिया कि वो अफगानिस्तान में राष्ट्र निर्माण के लिए नहीं गए थे। जिस तरह से अफगानिस्तान ने कुछ ही दिनों के भीतर तालिबान के सामने घुटने टेक दिए। उसने अमेरिका की कूटनीतिक, वैश्विक जिम्मेदारी और तौर -तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद बाइडेन प्रशासन ने अमेरिकी बैंकों में रखी अफगान सरकार की संपत्ति को फ्रीज कर दिया। इससे तालिबान अमेरिकी बैंकों से अफगानिस्तान के खजाने को हासिल नहीं कर पाएं। लेकिन फिर भी काबुल पर फतह के बाद तालिबान के हाथों मानो दबा हुआ खजाना मिल गया। अमेरिकी  फौज अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा अफगानिस्तान में छोड़कर चली गई है। अब सबकुछ तालिबान के हाथ में है। एक अमेरिकी स्टाइल का हैलमेट और साथ में नाइट विजन माउंट के साथ। अच्छे-अच्छे देशों के कमांडो के पास ऐसे हेलमेट आपको नजर नहीं आएंगे। इसके साथ ही इनके शरीर पर मेड इन अमेरिका बॉडी ऑर्मर है। हाथों में यूएस एम-4 रायफल लिए ये कमांडो टैक्टिकल नी पैड पहने हैं। इसके साथ ही कम्युनिकेशन के लिए एक रेडियो भी है और अब तालिबानी लड़ाके आर्मेड हमवीज पर चलने लगे हैं। फोर्ब्स के अनुसार, "अकेले जून के महीने में तालिबान ने अफगान सुरक्षा बलों से हथियारबंद वाहन और आर्टिलरी के साथ ही 700 ट्रक और हमवीज़ पर कब्जा कर लिया।

अमेरिकी रक्षा विभाग की 2017 की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2001 से 2017 तक अमेरिका ने अफगान सेना के लिए 6 लाख से अधिक हथियारों की फंडिंग की। अमेरिका ने अफगान बॉर्डर पुलिस को 25 हजार से अधिक ग्रेनेड लॉन्चर और करीब 10 हजार रॉकेट चालित हथियार मुहैया कराए। अफगान सेना को अमेरिका की ओर से 1 लाख 62 हजार 643 संचार उपकरण मिले। इसके अलावा 76 हजार वाहन मिले। इन वाहनों में 22 हजार से ज्यादा हम्वीस शामिल हैं।  2007 में जब अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने अफगानिस्तान को एयरक्राफ्ट देने की मंजूरी दी, तब से 110 हेलीकॉप्टर और 98 विमान अफगानिस्तान को मुहैया कराए गए। जब अफगानिस्तान तालिबान के हाथों में पहुंचा है, तब अफगानी वायुसेना की संपत्तियां भी उसके कब्जे में आ गई हैं।  

 क्या-क्या लगा है हाथ

अमेरिकी सेना के मौजूदा खुफिया आकलन के आधार पर यूएस हमवी समेत 2000 सैन्य वाहन तालिबान के हाथ लग चुके हैं। इसके अलावा घातक यूएच-60 ब्लैक हॉक हेलिक़ॉप्टर समेत 40 विमान उनके कब्जे में हैं, जिनमें स्काउट अटैक हेलिकॉप्टर और स्कैन ईगल मिलिट्री ड्रोन भी है। 

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अमेरिकी सेना की बायोमीट्रिक डिवाइस भी हाथ लगी

तालिबान ने अमेरिकी सैन्य बायोमीट्रिक डिवाइसों को जब्त कर लिया है। ये डिवाइस विदेशी सुरक्षा बलों की सहायता करने वाले अफगानिस्तान के लोगों की पहचान करने में मदद कर सकते हैं। द इंटरसेप्ट की रिपोर्ट के अनुसार हैंडहेल्ड इंटरएजेंसी आइडेंडटी डिटेक्शन इक्विपमेंट डिवाइस पर तालिबान ने कब्जा कर लिया है। अमेरिकी अधिकारी इससे चितिंत हैं क्योंकि उन्हें डर है कि तालिबान द्वारा इन डेटा का इस्तेमाल किया जा सकता है।  

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