By अभिनय आकाश | Jul 27, 2026
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने वीज़ा पाबंदियों की एक नई नीति का ऐलान किया है। इसका मकसद उन विदेशी आपराधिक नेटवर्क को खत्म करना है, जिन पर साइबर-स्कैम और जबरन वसूली के ज़रिए अमेरिकियों से अरबों डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप है। हाल ही में सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो ने इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट के तहत इन उपायों का ऐलान किया। ये उपाय ऐसे अपराधों में शामिल लोगों और उनके करीबी परिवार के सदस्यों पर लागू होंगे।
नई पॉलिसी में क्या है?
US इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट की धारा 212(a)(3)(C) के तहत पाबंदियां लागू की जा रही हैं। यह कानून सरकार को वीज़ा देने से इनकार करने का अधिकार देता है, अगर किसी व्यक्ति के देश में आने से विदेश नीति पर बुरा असर पड़ सकता हो।
नई पॉलिसी के अनुसार, जो विदेशी नागरिक साइबर स्कैम, ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन और साइबर से जुड़ी दूसरी आपराधिक गतिविधियों में शामिल या मददगार पाए जाएंगे, उन्हें US वीज़ा के लिए अयोग्य माना जाएगा। साथ ही, ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के करीबी परिवार के सदस्यों पर भी पाबंदियां लग सकती हैं। हालांकि, इस पॉलिसी में किसी खास देश या लोगों को टारगेट नहीं किया गया है। इसे बस एक ऐसी पॉलिसी बताया गया है जिसकी पहुंच ग्लोबल है। वीज़ा पर लगी पाबंदियों को एक बड़े अभियान का सिर्फ़ एक हिस्सा बताया गया है। प्रशासन ने घोषणा की है कि वह आर्थिक प्रतिबंध भी लगाएगा, आपराधिक मुक़दमे चलाएगा, संपत्ति ज़ब्त करेगा, प्रत्यर्पण की मांग करेगा और साइबर क्राइम नेटवर्क को खत्म करने और उनमें मदद करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगा।