By नीरज कुमार दुबे | Jan 06, 2026
जम्मू-कश्मीर में आज माकपा की ओर से वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की आक्रामक नीतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। पार्टी कार्यकर्ता लाल झंडों के साथ सड़कों पर उतरे और अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अमेरिका लगातार संप्रभु देशों के आंतरिक मामलों में दखल देकर वहां की जनता की लोकतांत्रिक इच्छाओं को कुचलने का प्रयास कर रहा है।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता एमवाई तारीगामी ने किया। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला पर लगाए गये आर्थिक प्रतिबंध और सैन्य हमला तथा वहां के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करना दरअसल आम जनता के जीवन पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में दवाइयों की कमी, खाद्य संकट और आर्थिक अराजकता के लिए अमेरिका की नीतियां जिम्मेदार हैं। तारीगामी ने कहा कि यह केवल वेनेजुएला का सवाल नहीं है बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए चेतावनी है कि किस तरह वैश्विक ताकतें अपने हितों के लिए देशों को बंधक बना रही हैं।
प्रदर्शनकारियों ने साथ ही कहा कि अमेरिका लोकतंत्र और मानवाधिकारों की आड़ में सत्ता परिवर्तन की साजिशें रचता रहा है। सीपीआईएम नेताओं ने केंद्र सरकार से भी मांग की कि वह अमेरिकी दबाव से दूर रहकर स्वतंत्र विदेश नीति अपनाए और वेनेजुएला के लोगों के साथ एकजुटता प्रकट करे। हम आपको बता दें कि यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा लेकिन नारों और भाषणों में गहरी नाराजगी साफ दिखाई दी। माकपा कार्यकर्ताओं ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी देश को यह अधिकार नहीं है कि वह दूसरे देश की तकदीर तय करे।
देखा जाये तो यह विरोध उस गुस्से की अभिव्यक्ति थी जो आज दुनिया भर में अमेरिकी वर्चस्व के खिलाफ उबल रहा है। वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी आक्रामकता कोई नई कहानी नहीं है। दशकों से अमेरिका उन देशों को सजा देता आया है जो उसकी नीतियों के सामने सिर झुकाने से इंकार करते हैं।