By अनुराग गुप्ता | May 23, 2022
नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद वरुण गांधी ने सोमवार को बेरोजगारी और भर्तियों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अपने कंधों पर पूरे परिवार की उम्मीदों का बोझ लेकर चलने वाले प्रतियोगी छात्रों का जीवन विगत कुछ वर्षों से एक लंबे संघर्ष की दास्तां बन चुका है। दरअसल, वरुण गांधी गरीबों, युवाओं और किसानों समेत तमाम ज्वलंत मुद्दों पर मुखरता से अपनी बात रखते हैं।
भाजपा सांसद ने कहा कि बिना कारण रिक्त पड़े पद, लीक होते पेपर, सिस्टम पर हावी होता शिक्षा माफिया, कोर्ट-कचहरी व टूटती उम्मीद। छात्र अब प्रशासनिक अक्षमता की कीमत भी स्वयं चुका रहा है। चयन सेवा आयोग कैसे बेहतर हो,परीक्षाएं कैसे पारदर्शी एवं समय पर हों, इसपर आज और अभी से काम करना होगा। कहीं देर ना हो जाए।
इससे पहले उन्होंने राशन कार्ड की पात्रता को लेकर बनाए जा रहे नए नियमों का हवाला देते हुए अपनी ही सरकार को घेरा था। उन्होंने कहा था कि चुनाव से पहले पात्र और चुनाव के बाद अपात्र? जनसामान्य के जीवन को प्रभावित करने वाले सभी मानक अगर ‘चुनाव’ देख कर तय किए जाएँगे तो सरकारें अपनी विश्वसनीयता खो बैठेंगी। चुनाव खत्म होते ही राशनकार्ड खोने वाले करोड़ों देशवासियों की याद सरकार को अब कब आएगी? शायद अगले चुनावों में..!