By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 08, 2026
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि उन्होंने माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज के छात्रों को तत्काल उनके गृह नगरों के पास के संस्थानों में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है।
यह निर्णय राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के चिकित्सा मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड (एमएआरबी) द्वारा जम्मू कश्मीर के रियासी में श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस को दिये गये अनुमति पत्र को न्यूनतम मानकों का पालन नहीं करने पर वापस लेने के एक दिन बाद घोषित किया गया।
एमएआरबी ने कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए काउंसलिंग के दौरान कॉलेज में प्रवेश पाने वाले सभी छात्रों को केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जम्मू कश्मीर के अन्य चिकित्सा संस्थानों में अतिरिक्त सीट के रूप में समायोजित किया जाएगा।
एमएआरबी का यह आदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित दक्षिणपंथी संगठनों के हाल ही में गठित समूह ‘संघर्ष समिति’ द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन की पृष्ठभूमि में आया है, जिसमें कॉलेज में प्रवेश रद्द करने और माता वैष्णो देवी में आस्था रखने वाले छात्रों के लिए विशेष रूप से सीट आरक्षित करने की मांग की गई है।
सांबा में एक जिला समीक्षा बैठक को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने स्वास्थ्य मंत्री (सकीना इटू) को निर्देश दिया है कि वह यह सुनिश्चित करें कि माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की अनुमति रद्द होने से प्रभावित छात्रों को उनके घरों के पास के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में समायोजित किया जाए।’’
मुख्यमंत्री ने अनुमति रद्द किए जाने पर दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा मनाए जा रहे जश्न की भी निंदा की। उन्होंने कहा, ‘‘यह खुशी किस बात की है? देश में लोग मेडिकल कॉलेजों को पाने के लिए लड़ते हैं और यहां, जम्मू-कश्मीर के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए एक मेडिकल कॉलेज को बंद करने का संघर्ष छेड़ा गया।