By रेनू तिवारी | Mar 07, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कानपुर के नवाबगंज स्थित पंडित दीनदयाल सनातन धर्म विद्यालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक अति-महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में शिरकत की। इस बैठक को 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा की 'शुरुआती घेराबंदी' के रूप में देखा जा रहा है।
इसे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की शुरुआती तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में मौजूद नेताओं के अनुसार, चर्चा का मुख्य विषय सरकार और संगठन के बीच समन्वय में सुधार करना, पार्टी कार्यकर्ताओं की चिंताओं का समाधान करना और जमीनी स्तर से प्रतिक्रिया प्राप्त करना था। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, महासचिव (संगठन) धर्मपाल सिंह, आरएसएस प्रांत प्रचारक श्रीराम और आरएसएस से संबद्ध विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल थे।
उन्होंने बताया कि नेताओं ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान आंतरिक मतभेदों के प्रभाव की भी समीक्षा की, जिसने बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भाजपा के प्रदर्शन को प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, जालौन और फतेहपुर जैसी सीटें हाथ से निकल गईं, जबकि फर्रुखाबाद सीट बड़ी मुश्किल से बची। सभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत मजबूत बना हुआ है।
उन्होंने पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। जापान और सिंगापुर की अपनी हालिया यात्राओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि वैश्विक निवेशकों की रुचि उत्तर प्रदेश में बढ़ रही है। उन्होंने सरकार, आरएसएस और सहयोगी संगठनों के बीच घनिष्ठ समन्वय का भी आह्वान किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि आगामी चुनाव से पहले समान विचारधारा वाले संगठनों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होगा।