By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 28, 2022
विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक बयान में कहा है कि परिसर में रोजा-इफ्तार का आयोजन कई वर्षों से हो रहा है और उपलब्ध होने पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति हमेशा उसमें भाग लेते हैं। उसमें कहा गया है, ‘‘महिला महाविद्यालय में रोज़ा इफ्तार का आयोजन किया गया, जिसमें कुलपति को आमंत्रित किया गया था। पिछले दो वर्षों से कोरोना महामारी की वजह से इसका आयोजन नहीं हो सका था। इस साल आयोजन में कुलपति समेत विभिन्न लोगों ने हिस्सा लिया।’’ महिला महाविद्यालय में बुधवार शाम आयोजित इफ्तार में कुलपति सुधीर जैन के साथ प्रोफेसर वी. के. शुक्ला, डॉ अफजल हुसैन, प्रोफेसर नीलम अत्रि, कार्यवाहक प्रधानाचार्य प्रोफेसर रीता सिंह,छात्र अधिष्ठाता प्रोफेसर के. के. सिंह, चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर बी. सी. कापड़ी, डॉ. दिव्या कुशवाहा सहित महाविद्यालय की छात्राओं ने भाग लिया था। हालांकि, इफ्तार के आयोजन की जानकारी मिलने पर बुधवार रात ही छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। एक छात्र ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में ऐसे आयोजन की कोई परंपरा नहीं रही है और कुलपति ऐसा करके नयी परंपरा को जन्म दे रहे हैं। विरोध प्रदर्शन पर विश्वविद्यानय प्रशासन का कहना है, ‘‘इसे लेकर विश्वविद्यालय का शैक्षणिक व सद्भावपूर्ण वातावरण बिगाड़ने की कोशिश निंदनीय है।’’