रामसेतु मुद्दे को गलत ढंग से फिल्माया, अक्षय कुमार के खिलाफ केस करेंगे सुब्रमण्यम स्वामी, कहा- गिरफ्तार कर देश से बेदखल...

By अभिनय आकाश | Jul 29, 2022

रामसेतु राष्ट्रीय धरोहर घोषित होगा या नहीं इसको लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर है। वहीं रामसेतु को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने वाले सुब्रमण्यम स्वामी का मानना है कि वो इस मामले में पहला दौर जीत चुके हैं। वहीं अब रामसेतु एक  बार फिर से चर्चा में है। दरअसल, बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। ये फिल्म अब कानूनी दांव-पेंच का सामना करेगी। फिल्म के एक्टर अक्षय कुमार पर मुकदमा दर्ज करने की खबरे आ रही हैं। मुआवजे की मांग को लेकर बीजेपी नेता और सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने मुकदमा दर्ज करने का ऐलान किया है। उनका दावा है कि फिल्म में रामसेतु के मुद्दे को गलत ढंग से पेश किया गया है। 

मुकदमा दर्ज कराने के बारे में जानकारी खुद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट करके दी है। स्वामी का दावा है कि फिल्म में रामसेतु के मुद्दे को गलत तरीके से पेश किया गया। उनका दावा है कि तथ्यों से छेड़छाड़ की गई। अपने ट्वीट में स्वामी ने लिखा कि मुआवजे के वाद को मेरे सहयोगी अधिवक्ता सत्य सभरवाल द्वारा अंतिम रूप दिया गया है। मैं अभिनेता अक्षय कुमार और कर्मा मीडिया पर उनकी फिल्म में राम सेतु मुद्दे के चित्रण में मिथ्याकरण के कारण हुए नुकसान के लिए मुकदमा कर रहा हूं। सुब्रमण्यम स्वामी ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा कि अगर अक्षय कुमार एक विदेश नागरिक हैं तो हम उन्हें गिरफ्तार कर उनके गोद लिए देश से बेदखल करने के लिए कह सकते हैं।

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वकील सत्य सभरवाल ने भी इस मसले पर ट्वीट करते हुए लिखा कि राम सेतु पर आधारित एक फिल्म का निर्माण कर्मा मीडिया द्वारा किया गया है, जहां डॉ स्वामी के एससी ऑर्डर को पोस्टर के रूप में इस्तेमाल किया गया है। इसको लेकर मुकदमा दर्ज कराएंगे। डॉ. स्वामी की याचिका में पोस्टर और माननीय सर्वोच्च न्यायालय का आदेश संलग्न है। अप्रैल महीने में ही फिल्म रामसेतु का पोस्टर वायरल हुआ था। अक्षय कुमार ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्टर को शेयर किया।

रामसेतु और स्वामी

राम सेतु, तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी तट पर पंबन द्वीप और मन्नार द्वीप के बीच बनी एक श्रृंखला है। रामसेतु को आदम का पुल भी कहा जाता है। रामायण महाकाव्य के अनुसार सीता को बचाने के लिए श्रीलंका पहुंचने के लिए भगवान राम व उनकी वानर सेना के द्वारा इस पुल का निर्माण किया गया था। रामसेतु को तोड़ने की योजना यूपीए सरकार के दौरान अमल में लाई जाने थी। जिसके बाद सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में इसका विरोध किया। उन्होंने यूपीए सरकार की योजना पर रोक की मांग की थी। जिसके बाद भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किए जाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए हैं।  

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