By दिव्यांशी भदौरिया | May 06, 2026
आजकल माइग्रेन का दर्द तेजी से बढ़ रह है और कुछ लोगों में इसके पीछे की वजहों को नहीं समझ आया। माइग्रेन एक ऐसा न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जो अचानक से तेज सिरदर्द के साथ हमारे पूरी रुटीन पर प्रभाव डालता है। असल में यह अचानक से ट्रिगर करता है। हार्मोनल बदलाव, स्ट्रेस, लाइफस्टाइल और पर्यावरण जैसे कई फैक्टर्स मिलकर इसे ट्रिगर कर सकते हैं। इसे समझना बेहद जरुरी है।
- माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। इसमें सिर के एक तरफ तेज दर्द होता है, जो कई घंटों तक रह सकता है। कई लोगों को इसके साथ उल्टी भी होने लगती है। इसे मैनेज करने के लिए डॉक्टर की सलाह से दवाइयां जरुर लेनी चाहिए और जीवनशैली में बदलाव करना जरुरी है।
- अक्सर होता है कि माइग्रेन अचानक से ट्रिगर करता है और लोग समझ नहीं पाते कि इसके पीछे का कारण क्या है। असल में यह कई कारणों से हो सकता है।
- महिलाओं में होने वाले हार्मोनल बदलाव, जिनमें एस्ट्रोजन का लेवल कम हो जाता है, उनकी वजह से भी ब्रेन सेंसिटिव हो जाता है और माइग्रेन ट्रिगर हो जाता है। कई बार पीरियड्स या मेनोपॉज के दौरान माइग्रेन हो सकता है।
- अचानक से माइग्रेन होने का कारण इसके पीछे स्ट्रेस एक मुख्य कारण है। जब शरीर में स्ट्रेस या एंग्जायटी अधिक होती है और इसकी वजह से कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर अधिक बढ़ जाता है।
- कुछ लोगों की नर्व्स अधिक सेंसिटिव होती हैं। ऐसे में तेज रोशनी, शोर, तीव्र गंध या मौसम में बदलाव (बैरोमेट्रिक दबाव में परिवर्तन) जैसे कारकों से अधिक प्रभावित होती हैं और माइग्रेन टिगर होने लगता है।
- कैफीन, एल्कोहल या खान न खाने के कारण से भी सेरोटोनिन इंबैलैंस हो जाता है और ब्लड वेसल्स फैलने लगती है। ये भी दर्द का कारण बन सकता है।
- कई बार डिहाइड्रेशन भी माइग्रेन के ट्रिगर होने का एक कारण हो सकता है। डिहाइड्रेशन से ब्लड गाढ़ा हो जाता है और ऑक्सीजन का फ्लो कम होने लगता है। इसके साथ ही नींद की कमी या अनियमित स्लीप पैटर्न भी इसका कारण हो सकता है।
- यदि आपके परिवार में किसी को माइग्रेन हैं, तो भी आपको माइग्रेन होने के काफी चांस बढ़ जाते हैं।