खेल शुरु! अचानक NSA डोभाल के साथ अमेरिकी राजदूत की सीक्रेट मीटिंग

By अभिनय आकाश | Aug 12, 2026

भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ दिनों में बैठकों का सिलसिला तेज हो गया। इसी कड़ी में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर ने 11 अगस्त को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की। वहीं इस बैठक के बाद सर्जियो गौर ने इससे सार्थक मुलाकात बताया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच करीबी साझेदारी वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी है। उनके मुताबिक दोनों देशों के कई लक्ष्य एक जैसे हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। लेकिन इस मुलाकात की असली अहमियत सिर्फ एक बयान में नहीं बल्कि उस समय में है जब यह बैठक हुई क्योंकि अमेरिकी राजदूत की एनएसए डोभाल के साथ बातचीत से एक दिन पहले उनकी विदेश सचिव विक्रम मिश्री से भी मुलाकात हुई थी। 

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आपको बता दें भारत और अमेरिका के रिश्ते इस समय सिर्फ सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं है। व्यापार भी दोनों देशों के एजेंडे में एक बड़ा मुद्दा रहा है। पिछले साल अमेरिका ने भारत पर 50% का टैरिफ लगाया था। जिससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ा। बाद में बातचीत के दौरान टैरिफ को 18% तक लाने पर सहमति बनी। लेकिन व्यापार समझौते को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। भारत की कोशिश है कि अगर कोई व्यापार समझौता होता है तो उसमें टैरिफ को लेकर लंबे समय की स्पष्टता और स्थिरता हो ताकि भविष्य में किसी नए अमेरिकी फैसले से अचानक भारतीय उत्पादों पर शुल्क ना बढ़ जाए और यही वजह है कि एनएसए डोभाल और गौर की लगातार बैठकों को सिर्फ एक सामान्य कूटनीतिक मुलाकात मानना आसान नहीं होगा क्योंकि कई चीजें पिछले कुछ वक्त में देखने को मिली हैं। एक तो ट्रेड को लेकर खींचतान है। उसके अलावा रूसी तेल को लेकर रूसी तेल को लेकर अमेरिका लगातार भारत पर दबाव बना रहा है। 

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ऐसे में ये बैठकें अपने आप में बहुत अहमियत रखती हैं। हालांकि भारत के साथ अमेरिका का जो तनाव है उसे अगर किनारे कर भी दिया जाए तो वैश्विक सुरक्षा का बदलता माहौल, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, ऊर्जा सुरक्षा की चिंता और दक्षिण एशिया में बदलते समीकरण भी अपने आप में बहुत से सवाल खड़े कर रहे हैं। ऐसे समय में भारत और अमेरिका के बीच उच्च स्तर पर लगातार बातचीत यह संकेत देती है कि दोनों देश अपने रणनीतिक हितों को लेकर संपर्क बढ़ा रहे हैं। भारत अपनी विदेश नीति में रणनीतिक स्वायता बनाए रखते हुए अमेरिका के साथ सुरक्षा तकनीक, ऊर्जा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहा है और अमेरिका के लिए भारत सिर्फ एक बड़ा बाजार नहीं बल्कि हिंद प्रशांत और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा साझेदार बन चुका है। यानी एनएसए डोवाल और अमेरिकी राजदूत की लगातार दो दिन की मुलाकात भले ही बंद कमरे में हुई हो लेकिन संदेश काफी साफ है। 

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