Sukesh Chandrashekhar पहुंचे Delhi High Court, निचली अदालत की दोषसिद्धि को दी चुनौती

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 27, 2026

सुकेश चंद्रशेखर ने दिल्ली उच्च न्यायालय में निचली अदालत के उस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है, जिसमें उसे खुद को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पेश करके जालसाजी करने का दोषी ठहराया गया है। यह जालसाजी कथित ठग चंद्रशेखर ने वर्ष 2017 में भ्रष्टाचार के एक मामले में जमानत हासिल करने के लिए एक विशेष न्यायाधीश को प्रभावित करने के मकसद से की थी। चंद्रशेखर ने निचली अदालत के फैसले में अपने चरित्र के बारे में की गई ‘अपमानजनक, निंदात्मक, कलंकपूर्ण और अनावश्यक टिप्पणियों’ को हटाने की मांग की है।

यह मामला 28 अप्रैल, 2017 को किए गए एक फोन से जुड़ा है, जब चंद्रशेखर भ्रष्टाचार के मामले में पुलिस हिरासत में था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, उसने पुलिस कांस्टेबल मंजीत का मोबाइल फोन हासिल किया और उसका इस्तेमाल पूनम चौधरी के सरकारी लैंडलाइन और मोबाइल फोन पर संपर्क करने के लिए किया। पूनम चौधरी उस समय ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायाधीश थीं।

निचली अदालत ने 20 अगस्त को चंद्रशेखर को भारतीय दंड संहिता की धारा 170 (जालसाजी करके खुद को सरकारी कर्मचारी के रूप में पेश करना), 189 (सरकारी कर्मचारी को नुकसान पहुंचाने की धमकी देना) और 507 (गुमनाम संदेश के जरिये आपराधिक धमकी देना) के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने उसके अपराध को न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता और पवित्रता का ‘सीधा अपमान’ बताया। निचली अदालत ने कहा कि चंद्रशेखर ने पहले उच्चतम न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश के निजी सचिव के रूप में और बाद में फर्जी तरीके से खुद को न्यायाधीश के रूप में पेश करके लोगों को ठगने का काम किया।

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