US-Canada Trade War: Trump ने वाहनों पर लगाया 50% Import Duty, ऑटो सेक्टर में मचा हड़कंप

By Ankit Jaiswal | Aug 27, 2026

अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार को लेकर चल रही खींचतान ने वाहन उद्योग की चिंता बढ़ा दी है। अभी पिछले सप्ताह तक वाहन कंपनियों को उम्मीद थी कि दोनों देशों के बीच गर्मियों में होने वाली बातचीत से राहत मिलेगी और कनाडा से आने वाली गाड़ियों तथा कलपुर्जों पर लगाए गए 25 प्रतिशत शुल्क में कमी हो सकती है। लेकिन सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान ने उद्योग की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, हाल में जो व्यापार समझौता बातचीत के स्तर पर था, उसमें कनाडा से आने वाली कारों और हल्के ट्रकों पर अधिकतम शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव था। लेकिन बातचीत टूटने के बाद अब शुल्क दोगुना किए जाने की स्थिति बन गई है।

गौरतलब है कि 2025 में अमेरिका में बिकने वाली कुल गाड़ियों में कनाडा में बनी गाड़ियों की हिस्सेदारी करीब 6 प्रतिशत थी। आंकड़ा छोटा दिख सकता है, लेकिन कनाडा में कई ऐसी गाड़ियां बनती हैं जो अमेरिकी कंपनियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। जनरल मोटर्स की लोकप्रिय शेवरले सिल्वराडो की करीब 17 प्रतिशत उत्पादन क्षमता कनाडा में है। वहीं स्टेलेंटिस की क्रिसलर पैसिफिका का उत्पादन कनाडा में ही होता है। फोर्ड भी ओकविल प्लांट से बड़े ट्रकों का अमेरिका में आयात शुरू करने की तैयारी में है।

जापानी वाहन कंपनियां टोयोटा और होंडा भी नए शुल्क से प्रभावित हो सकती हैं। कनाडा के वाहन उद्योग से जुड़े संगठन के मुताबिक, 2025 में कनाडा में बने करीब 12 लाख वाहनों में इन दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत से अधिक थी और इनमें से बड़ी संख्या अमेरिका भेजी गई थी।

बता दें कि अमेरिकी वाहन कंपनियां पहले से ही सरकार के शुल्क संबंधी फैसलों से परेशान हैं। उनका कहना है कि एशिया और यूरोप से आने वाली गाड़ियों पर लागू शुल्क करीब 15 प्रतिशत है, जबकि कनाडा और मेक्सिको जैसे अमेरिका के प्रमुख पड़ोसी व्यापार साझेदारों पर अब भी ज्यादा शुल्क है। इससे अमेरिकी वाहन कंपनियों को प्रतिस्पर्धा में नुकसान होने की शिकायत है।

अमेरिकी प्रशासन ने कनाडा और मेक्सिको से आने वाली गाड़ियों के लिए यह शर्त भी रखने पर विचार किया है कि कम शुल्क का लाभ लेने के लिए उनके कम से कम आधे कलपुर्जे अमेरिका में बने होने चाहिए। उद्योग जगत का सवाल है कि जब अमेरिकी और कनाडाई वाहन उद्योग की आपूर्ति व्यवस्था इतनी गहराई से जुड़ी है, तो कनाडा पर इतनी सख्त शर्तें क्यों लगाई जा रही हैं।

कुछ वाहन उद्योग से जुड़े अधिकारियों को अब भी उम्मीद है कि जनवरी से पहले दोनों देशों के बीच कोई समझौता हो सकता है। होंडा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अगर उत्तर अमेरिकी व्यापार समझौता आगे नहीं बढ़ाया गया तो कंपनी उत्तरी अमेरिका में अपना आठवां वाहन प्लांट लगाने की योजना पर दोबारा विचार कर सकती है। ऐसे में आने वाले महीनों में व्यापार वार्ता पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

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