By Ankit Jaiswal | Oct 26, 2026
गूगल अपने एआई से जुड़े काम को आगे बढ़ाने के लिए क्लाउड सेवाओं के ग्राहकों को मिलने वाली कंप्यूटिंग क्षमता का कुछ हिस्सा अपने रिसर्च में इस्तेमाल कर रही है। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने इसकी पुष्टि की है। इसका मतलब है कि गूगल बढ़ती मांग के बावजूद अपने एडवांस एआई मॉडल तैयार करने को प्राथमिकता दे रही है। इस फैसले के कारण कंपनी को कम समय में होने वाली कुछ संभावित कमाई छोड़नी पड़ सकती है।
दरअसल, दुनियाभर की बड़ी तकनीकी कंपनियां एआई मॉडल तैयार करने और उन्हें चलाने के लिए जरूरी चिप, सर्वर और डेटा केंद्रों की व्यवस्था करने में जुटी हैं। इन संसाधनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। पिचाई के मुताबिक, 2027 में नई सेवाओं के लिए ग्राहकों को पर्याप्त कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराना भी मुश्किल हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी सुविधाएं तैयार करने में लंबा समय लगता है। आज उपलब्ध कंप्यूटिंग क्षमता के पीछे 2024 में लिए गए निवेश संबंधी फैसले हैं।
हालांकि, संसाधनों की कमी के बावजूद गूगल की क्लाउड सेवा का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी ने 2026 की दूसरी तिमाही में इस कारोबार से 24.8 अरब डॉलर का राजस्व कमाया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 82% अधिक है। जून के अंत तक कंपनी के पास भविष्य में सेवाएं देने से जुड़ी लगभग 514 अरब डॉलर की अनुबंधित आय भी दर्ज थी। इससे पता चलता है कि उसकी क्लाउड सेवाओं की मांग कितनी अधिक है।
गौरतलब है कि गूगल अपने एडवांस एआई मॉडल विकसित करने के लिए डीपमाइंड को अधिक कंप्यूटिंग क्षमता देना चाहती है। कंपनी का मानना है कि इन मॉडलों से मिलने वाली नई क्षमताओं को आगे चलकर उसके दूसरे उत्पादों में शामिल किया जा सकता है। पिचाई को उम्मीद है कि भविष्य में अधिक सक्षम एआई प्रणालियां नए मॉडल तैयार करने में शोधकर्ताओं की मदद करेंगी। इसके तहत एआई शोध, कोडिंग और टेस्टिंग जैसे कामों में सहायता कर सकता है, जिससे अगली पीढ़ी के मॉडल विकसित करने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
पिचाई ने इस विचार से भी असहमति जताई कि गूगल को केवल छोटे और कम खर्च वाले मॉडल, जैसे जेमिनी फ्लैश, पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि कंपनी सबसे एडवांस एआई तकनीक विकसित करने की दौड़ में बनी रहना चाहती है।
कंपनी के एआई उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता भी संसाधनों पर दबाव बढ़ा रही है। पिचाई के मुताबिक, जेमिनी 4 आर्गन ने शुरुआती 72 घंटों में करीब 25 लाख करोड़ टोकन संसाधित किए, जो इसी अवधि में जेमिनी 3 की तुलना में लगभग 3 गुना थे। इस मॉडल को चलाने के दौरान भी कंपनी को क्षमता की कमी का सामना करना पड़ा।
बता दें कि गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने 2026 में पूंजीगत खर्च 195 अरब से 205 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान दिया है। इस राशि का बड़ा हिस्सा एआई और क्लाउड से जुड़े ढांचे पर खर्च किया जाएगा। कंपनी के सामने अब दोहरी चुनौती है: बाहरी ग्राहकों की बढ़ती मांग पूरी करना और अपने एआई रिसर्च के लिए पर्याप्त संसाधन बनाए रखना। आने वाले समय में गूगल की निवेश रणनीति इसी संतुलन पर निर्भर करेगी।