By अनन्या मिश्रा | Jul 03, 2026
गर्मियों का मौसम और तपती धूप हर किसी के लिए चिंता का सबब है। यूवी किरणों से स्किन का बचाव करना बेहद जरूरी है। इसके लिए लोग गर्मियों में लोग घर से निकलने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करने लगे हैं। लेकिन कोई भी सनस्क्रीन आपकी स्किन को सूरज की हानिकारक किरणों से सुरक्षा नहीं देती है। कई लोग SPF 50 से कम का सनस्क्रीन इस्तेमाल कर लेते हैं, जिससे स्किन को पर्याप्त सुरक्षा नहीं देता है।
अगर आप SPF 50 से कम का सनस्क्रीन यूज करती हैं, तो धूप का असर स्किन पर धीरे-धीरे दिखाई देता है। बाद में लंबे समय में गंभीर नुकसान हो सकता है। वहीं बाहर काम करने वाले लोग या फिर लंबे समय तक धूप में रहने वाले लोग इसके खतरे में रहते हैं।
UVA और UVB दोनों किरणों से SPF 50 सनस्क्रीन 98% तक सुरक्षा देती है। यह सनस्क्रीन स्किन को धूप से होने वाले दीर्घकालिक नुकसान से बचाता है।
कम SPF वाली सनस्क्रीन के इस्तेमाल से स्किन पर लालिमा, सनबर्न और जलन हो सकती है। लंबे समय तक स्किन स्किन की इम्यूनिटी को प्रभावित करता है।
UV किरणें कोलेजन को नुकसान पहुंचाती है। SPF 50 से कम सनस्क्रीन का यूज करने से दाग, झुर्रियां और उम्र बढ़ने के लक्षण जल्दी दिखने लगते हैं।
UVB किरणें DNA को नुकसान पहुंचाती है। साथ ही स्किन कैंसर के जोखिम को बढ़ाती है। SPF 50 सनस्क्रीन इसको रोकने में सहायक होता है।
किसी भी SPF सनस्क्रीन को हर 2-3 घंटे में लगाना चाहिए। वहीं स्विमिंग करने या पसीना आने के बाद फौरन सनस्क्रीन लगाना चाहिए। इसको पर्याप्त मात्रा में लगाना जरूरी है।