By अंकित सिंह | Apr 03, 2025
जेडी(यू) के वरिष्ठ नेता मोहम्मद कासिम अंसारी ने वक्फ संशोधन विधेयक पर पार्टी के रुख को लेकर पार्टी और अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। वक्फ विधेयक को देर रात लोकसभा में पारित कर दिया गया, जिसमें एनडीए की सहयोगी जेडी(यू) ने व्यापक विरोध के बावजूद इसका समर्थन किया। जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे पत्र में अंसारी ने वक्फ संशोधन विधेयक को पार्टी के समर्थन पर गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लाखों भारतीय मुसलमानों ने जेडी(यू) पर धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को बनाए रखने के लिए भरोसा किया था, लेकिन अब यह भरोसा टूट चुका है।
पार्टी के लिए अपनी वर्षों की सेवा पर खेद जताते हुए उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अन्य सभी जिम्मेदारियों से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा, "वक्फ विधेयक भारतीय मुसलमानों के खिलाफ है और हम इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं कर सकते। यह विधेयक संविधान में निहित कई मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। यह भारतीय मुसलमानों को अपमानित करता है और साथ ही पसमांदा समुदाय के साथ भेदभाव भी करता है। न तो आप और न ही आपकी पार्टी को इसका एहसास है। मुझे अपने जीवन के कई साल पार्टी को समर्पित करने का पछतावा है। इसलिए मैं स्वेच्छा से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अन्य सभी जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे रहा हूं।"
जेडीयू के अल्पसंख्यक प्रदेश सचिव मोहम्मद शाहनवाज मलिक ने भी वक्फ बिल को पार्टी के समर्थन के विरोध में पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। जमुई के अढ़ा निवासी मलिक ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की घोषणा की। सीएम नीतीश कुमार को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि राज्य के मुसलमानों का उन पर से भरोसा उठ गया है। मलिक ने लोकसभा में ललन सिंह के बयान और बिल पर जेडीयू के रुख से भी असंतोष जताया।