Supreme Court ने GST अधिकारियों को वकील के जब्त डेटा का विश्लेषण 28 सितंबर तक रोकने का दिया निर्देश

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 25, 2026

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिकारियों से कहा कि वे वकील पुनीत बत्रा के कार्यालय से जब्त किए गए डेटा का विश्लेषण 28 सितंबर तक नहीं करें। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने अधिकारियों की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू से कहा कि जब तक अदालत वकील की याचिका पर सुनवाई नहीं कर लेती, तब तक कोई कार्रवाई न करें। बत्रा ने दिल्ली उच्च न्यायलय के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें कहा गया था कि अगर इस बात के प्रथमदृष्टया साक्ष्य हों कि किसी वकील ने कोई अपराध किया है, तो कानून लागू करने वाली एजेंसियां ​​उसके दफ्तर की तलाशी ले सकती हैं।

उन्होंने पीठ से मामले की सुनवाई करने का आग्रह किया। हरिहरन ने कहा, उन्होंने सोमवार के लिए समन भेजा है। आप आदेश दे सकते हैं कि कोई सख़्त कार्रवाई न की जाए।

पीठ ने राजू से कहा कि सोमवार तक कोई सख़्त कार्रवाई न करें। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि एजेंसी सिर्फ़ डेटा का विश्लेषण कर रही थी और यह वकील-मुवक्किल के रिश्ते का मामला नहीं है। पीठ ने कहा, आप तथ्य जानते हैं; हम नहीं।

सोमवार तक कुछ न करें। बुधवार को उच्चतम न्यायालय ने वरिष्ठ वकील विकास सिंह और एन. हरिहरन की दलीलों पर ध्यान दिया और दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फ़ैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई के लिए सहमत हो गया, जिसमें बत्रा के कार्यालय में जीएसटी अधिकारियों की तलाशी और उनके कंप्यूटर को ज़ब्त करने को सही ठहराया गया था। सिंह ने ज़ब्त किए गए कंप्यूटर से बत्रा के मुवक्किलों के बारे में गोपनीय जानकारी वाले डेटा तक अधिकारियों की पहुंच को लेकर चिंता जताई।

सिंह ने कहा था, कंप्यूटर ज़ब्त कर लिए गए हैं। उनमें दर्ज सामग्री देखी जाएगी। इससे गोपनीयता का उल्लंघन होगा।

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