Supreme Court के पटाखों पर बैन का नहीं हुआ कोई असर, जमकर हुई आतिशबाजी से AQI बढ़ा

By रितिका कमठान | Nov 13, 2023

दिवाली के मौके पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के बहन के बावजूद जमकर आतिशबाजी और पटाखे फोड़े गए जिससे प्रदूषण का स्तर एक बार फिर से बेहद अधिक बढ़ गया है। राजधानी दिल्ली और एनसीआर में हर तरफ धुआं ही धुआं नजर आ रहा है। दिवाली की शाम तक एयर क्वालिटी इंडेक्स 218 पर था लेकिन दिवाली के अगले दिन सुबह इसका स्तर 999 पर पहुंच गया है।

 

नहीं माना गया सुप्रीम कोर्ट का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्र राजधानी दिल्ली समेत देश भर में पटाखे फोड़े जाने पर बैन लगाया था। दिवाली के दिन शाम तक साफ हवा का पिछले 8 सालों का रिकॉर्ड टूटा था लेकिन दिल्ली वालों ने दिवाली पर जमकर पटाखे फोड़ जिससे प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ गया है। दिल्ली में लगातार गंभीर समस्या बन रहे प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कुछ समय पहले ही पटाखे और आतिशबाजी की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर रोक लगा दी थी। लेकिन दिवाली की शाम सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की जमकर धज्जियां बनाई गई और दिल्ली एनसीआर में आतिशबाजी जमकर की गई।

ऐसा रहा एक्यूआई

रविवार देर रात तक आतिशबाजी होने से कम तापमान के बीच प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हुई। सुबह सात बजे एक्यूआई 275 (खराब श्रेणी) पर था। शादीपुर (315), आयानगर (311), लोधी रोड (308), पूसा (355) और जहांगीरपुरी (333) सहित कुछ क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया। इन क्षेत्रों में पीएम2.5 (सूक्ष्म कण जो सांस लेने पर श्वसन तंत्र में प्रवेश कर सकते हैं और श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं) की सांद्रता 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सुरक्षित सीमा से सात से आठ गुना अधिक रही। आतिशबाजी से राजधानी के ओखला और जहांगीरपुरी सहित कई स्थानों पर सुबह के समय पीएम 2.5 की सांद्रता 1,000 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक हो गई। 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में पिछले साल दिवाली पर एक्यूआई 312, 2021 में 382, 2020 में 414, 2019 में 337, 2018 में 281, 2017 में 319 और 2016 में 431 दर्ज किया गया था। दिवाली के एक दिन बाद शहर का एक्यूआई 2015 में 360, 2016 में 445, 2017 में 403, 2018 में 390, 2019 में 368, 2020 में 435, 2021 में 462 और 2022 में 303 था। एक्यूआई शून्य से 50 के बीच अच्छा , 51 से 100 के बीच संतोषजनक , 101 से 200 के बीच मध्यम , 201 से 300 के बीच खराब , 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 450 के बीच गंभीर माना जाता है। एक्यूआई के 450 से ऊपर हो जाने पर इसे अति गंभीर श्रेणी में माना जाता है। 

प्रमुख खबरें

अब America से व्यापार होगा आसान, 500 अरब डॉलर के टारगेट के लिए India-US Trade Portal की शुरुआत

इजरायल ने किया लेबनान पर हमला, मारे गए 250 लोग

युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस

करियर की ऊंचाइयों पर Vikrant Massey ने क्यों लिया ब्रेक? डैड गिल्ट और पिता बनने के संघर्ष पर खुलकर की बात