By अभिनय आकाश | Jul 23, 2026
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सोनम रघुवंशी की ज़मानत रद्द कर दी। उन पर अपने पति राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हत्या करने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने रघुवंशी को तीन हफ़्ते के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर ट्रायल में देरी होती है, तो वह छह महीने बाद ज़मानत के लिए नई अर्ज़ी दाखिल कर सकती हैं। मेघालय सरकार ने सोनम रघुवंशी को मिली ज़मानत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। 28 अप्रैल को शिलांग की एक अदालत ने सोनम रघुवंशी को ज़मानत दी थी। गौरतलब है कि इंदौर के रहने वाले बिज़नेसमैन राजा रघुवंशी की मई 2025 में मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स ज़िले में हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि तीन हत्यारों ने उनकी हत्या की थी। मध्य प्रदेश के रहने वाले यह बिज़नेसमैन अपनी पत्नी के साथ हनीमून मनाने वहां गए थे।
SG मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दस्तावेज़ में कानूनी धारा का ज़िक्र करते समय बस एक टाइपिंग की गलती (typo) हो गई थी। इतनी छोटी तकनीकी गलती के आधार पर ज़मानत नहीं दी जानी चाहिए। मेहता ने तर्क दिया कि अगर सोनम की ज़मानत बरकरार रखी गई, तो उसके भागने की आशंका है। सोनम की ज़मानत रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "बदलते समाज में ये चीज़ें अपरिहार्य हैं। आज की पीढ़ी शायद हमारी पीढ़ी से ज़्यादा जानकार हो, लेकिन दबाव झेलने के मामले में वे ज़्यादा कमज़ोर हैं। SG मेहता ने कहा, "उनके पास जानकारी ज़्यादा है, ज्ञान नहीं। जस्टिस वराले ने कहा WhatsApp पर जो कुछ भी शेयर किया जा रहा है, उसे ही ज्ञान माना जा रहा है।