By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 10, 2026
दिल्ली सरकार आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए अपना राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) गठित करेगी जिसमें करीब 1100 जवानों को शामिल किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई। इसके मुताबिक इस संबंध में फैसला राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में किया गया।
राजधानी दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले महानगर में भी अपनी एसडीआरएफ का होना समय की जरूरत है।” बयान के मुताबिक, एसडीआरएफ गठन के बाद आपदा की स्थिति में प्रशिक्षित और विशेषज्ञ बल को घटनास्थल पर शीघ्र पहुंचाने, राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा जान-माल के नुकसान को कम करने में सहायता मिलेगी। बयान में कहा गया है कि एसडीआरएफ के गठन के साथ ही दिल्ली सरकार अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिलाएगी ताकि आपदा की स्थिति में उपलब्ध स्थानीय मानव संसाधन आवश्यक कौशल और बेहतर समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में योगदान दे सकें। इसमें कहा गया है कि एसडीआरएफ में 1100 जवानों को शामिल किया जाएगा।
एसडीआरएफ गठित करने का फैसला ऐसे वक्त हुआ है जब कुछ दिन पहले ही दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने से सात लोगों की मौत हो गई और पांच घायल हो गए। गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में अवंसरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है और आबादी भी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में प्राकृतिक या मानवीय आपदा की स्थिति में गंभीर क्षति की आशंका को देखते हुए पहले से मजबूत तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे आपदा प्रबंधन से जुड़े उपकरणों की सूची व उनके भंडारण की जानकारी संबंधित विभागों को साझा करें ताकि दुर्घटना या आपदा के समय उन्हें तुरंत उपलब्ध कराया जा सके। बयान के मुताबिक, प्रस्तावित एसडीआरएफ के जवानों को आवश्यक प्रशिक्षण एनडीआरएफ उपलब्ध कराएगी और दिल्ली की भौगोलिक स्थिति और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष उपकरण आदि में भी एनडीआरएफ सहायता करेगी।