हिंसा रोकने के लिए क्या कदम उठाए? सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर की स्थिति को लेकर रिपोर्ट मांगी

By अभिनय आकाश | Jul 03, 2023

मणिपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से राज्य में जातीय हिंसा को रोकने के लिए किए गए उपायों पर विस्तृत स्थिति रिपोर्ट मांगी। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने सरकार से बेघर और हिंसा प्रभावित लोगों के लिए पुनर्वास शिविर बनाने, बलों की तैनाती और कानून व्यवस्था की दिशा में उठाए गए कदमों की सूची देने को कहा। 

इसे भी पढ़ें: अच्छा होगा कि असम के मुख्यमंत्री मणिपुर में दखल न दें : चिदंबरम

केंद्र और मणिपुर सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राज्य में स्थिति में धीरे-धीरे ही सही, सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सिविल पुलिस के अलावा मणिपुर राइफल्स, सीएपीएफ की कंपनियां, सेना की 114 टुकड़ियां और मणिपुर कमांडो मौजूद हैं. उन्होंने कोर्ट को आगे बताया कि राज्य में कर्फ्यू अब 24 घंटे से घटाकर पांच घंटे कर दिया गया है। 

उन्होंने कहा कि कुकी समूहों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंसाल्वेस को मामले को "सांप्रदायिक पहलू" नहीं देना चाहिए और कहा कि "असली इंसानों के साथ व्यवहार किया जा रहा है। कॉलिन गोंसाल्वेस ने तर्क दिया कि आतंकवादी एक समाचार कार्यक्रम में आए और कहा कि वे "कुकियों को नष्ट कर देंगे" लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुकियों के खिलाफ हिंसा "राज्य द्वारा प्रायोजित" थी।

प्रमुख खबरें

Privacy पर छिड़ी बहस के बीच Meta का बड़ा एक्शन, AI Glasses में छेड़छाड़ पर बंद होगा Camera

Wimbledon में भारतीय टेनिस का नया सितारा, Arnav Paparkar 36 साल बाद Junior Quarter-Final में।

FIFA World Cup में रेफरी पर बड़ा बवाल, Argentina से हार के बाद मिस्र ने FIFA में दर्ज कराई शिकायत

Hormuz में हमलों से Crude Oil में लगी आग, US-Iran तनाव से भारत की भी बढ़ी टेंशन।